अंजनी महादेव में प्राकृतिक शिवलिंग का बढ़ता आकार, पर्यटकों के लिए बना आकर्षण का केंद्र

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साढ़े ग्यारह हजार फीट की ऊंचाई पर बना मनाली से 25 किलोमीटर दूर सोलंगनाला के पास अंजनी महादेव (Anjani Mahadev) में एक प्राकृतिक शिवलिंग है। इस बार हुई भारी बर्फबारी से शिवलिंग का आकार दशकों बाद बढ़ा है, जो अप्रैल, मई तक यूं ही रहेगा। स्थानीय वासियों का कहना है कि कि रोहतांग की तर्ज पर अब अंजनी महादेव भी लोकप्रिय हो रहा है।

शिवलिंग का आकार बढ़ता ही जा रहा है

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अंजनी महादेव में बना ये शिवलिंग, वहां से बहने वाले झरने के पानी के जम जाने से बनता है। झरने का पानी जब नीचे गिरता है तो वह शिवलिंग का आकार ले लेता है । ठंड का स्तर बढ़ने से इस बार झरने से प्राकृतिक शिवलिंग का आकार 35 फीट से अधिक ऊंचा हो गया है। वहीं पिछले साल शिवलिंग का आकार 25 फीट तक था।

पिछले साल तक इसका आकार सिर्फ 25 फीट तक ही बढ़ता था मगर इस बार मार्च में भी तापमान माइनस में होने से इसका आकार लगातार बढ़ता जा रहा है। इस पवित्र और अद्भुत शिवलिंग को देखने के लिए सैलानियों का यहां आने का सिलसिला शुरू हो गया है।

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कैसे पहुंचा जा सकता है Anjana Mahadev

how to reach anjana mahadev
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अंजनी महादेव पहुंचने के लिए आपको बस या टैक्सी से मनाली पहुंचना होगा फिर टैक्सी में मनाली से 15 किलोमीटर का सफर तय कर सोलंगनाला पहुंचाना होगा। जिसके बाद 5 किलोमीटर की पैदल यात्रा तय कर आप अंजनी महादेव पहुंच सकते हैं। अगर आप पैदल नहीं चल सकते तो यहां पर घोड़ों की व्यवस्था भी है।

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क्यों है नाम अंजनी महादेव

Anjani mahadev himchal
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लोक मान्यता के अनुसार त्रेता युग में इस स्थान पर माता अंजनी ने पुत्र प्राप्ति और मुक्ति पाने के लिए तपस्या की थी। उनकी इस तपस्या से भगवान शिव ने प्रसन्न होकर उन्हें दर्शन दिए थे। तभी से यहां पर प्राकृतिक तौर पर बर्फ का शिवलिंग बनता है। जिसे अंजनी महादेव नाम से जाना जाता है।

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