Home National News KEDARNATH : जिलाधिकारी ने किया भेष बदलकर 'केदारनाथ' का दौरा, देखें तस्वीर

KEDARNATH : जिलाधिकारी ने किया भेष बदलकर ‘केदारनाथ’ का दौरा, देखें तस्वीर

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KEDARNATH : उत्तराखंड में जिलाधिकारी दीपक रावत और जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल के चर्चे ऐसे ही नहीं है। इन दोनों जिलाधिकारियों के काम करने का तरीका जरा हटके है। आम जनता के बीच यह दोनों जिलाधिकारी बहुत ही लोकप्रिय हैं। इस बार जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने आम यात्री बनकर केदारनाथ का दौरा किया और मुख्य पड़ाव सोनप्रयाग से गौरीकुंड में यात्रा व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। उनकी इस निरीक्षण के दौरान पुलिस व्यवस्था में भारी कमी पाई गई।

कुर्ता-पजामा पहने, पीठ पर बैग टांगते हुए एक आम यात्री की तरह जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने देर रात से लेकर अगले दिन तक केदारनाथ यात्रा के पड़ावों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने गौरीकुंड चौकी प्रभारी को मौके पर चौकी में नहीं पाया। जिसके बाद उन्होंने पुलिस अधीक्षक को तत्काल प्रभाव से गौरीकुंड चौकी प्रभारी को हटाते हुए उसके खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।



Kedarnath Visit : जिलाधिकारी 9 जून की रात को एक प्राइवेट वाहन से सोनप्रयाग पहुंचे

आपको बता दें कि जिलाधिकारी 9 जून की रात को एक प्राइवेट वाहन से सोनप्रयाग पहुंचे। यहां से वो शटल सेवा (लोकल वाहन) से गौरीकुंड पहुंचे। यहां से वो करीब 1 बजे रात को घोड़ा पड़ाव पर गए। जिलाधिकारी को वहां सुरक्षा जवानों के अभाव में व्याप्त अव्यवस्था देखने को मिली। घोड़े खच्चर संचालकों ने अपने सभी घोड़े-खच्चररास्ते पर ही खड़े किए हुए थे। वहीं जिलाधिकारी को घोड़ा पड़ावघोड़ा पड़ाव पर कोई भी पुलिसकर्मी या होमगार्ड का जवान नहीं मिला। पुलिस और प्रशासन के बीच यात्रा के शुरू होने से पहले जो भी सहमतियां बनी थी, उसके अनुकूल घोड़ा पड़ाव पर एक भी सुविधा नहीं पाई गई।

वहीं स्थानीय चालकों व लोगों ने भी पुलिस व्यवस्था पर कड़ी नाराजगी जताई। निरीक्षण के दौरान सोनप्रयाग-गौरीकुंड के बीच लंबा जाम लगा हुआ था।जिलाधिकारी के निरीक्षण के दौरान मिली खामियों के लिए, उन्होने सेक्टर मजिस्ट्रेट को प्रतिदिन की रिपोर्ट भेजने को कहा है।

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