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Kumbh 2019 : कुंभ मेले में पहुंचे ये 11 बाबा हर किसी के लिए आकर्षण का केंद्र और हैरत का विषय बने हैं..

आस्था का केंद्र, कुंभ मेला प्रयागराज में आजकल श्रद्धालुओं का जमावड़ा तो लगा ही है लेकिन देश का हर कोने से अलग-अलग बाबा यहां शिरकत करने पहुंचे है। इनमें से कुछ बाबा लोगों के लिए हैरत का विषय तो कुछ के लिए आकर्षण का केंद्र बने हैं। इनके नाम जितने अटपटे हैं, उतनी ही इनकी कहानी रोचक है.
कोई अपने श्रद्धालुओं से दक्षिणा में पेट्रोल लेता है, तो कोई श्रद्धालुओं को रोज अपने हाथों से बनी रबड़ी खिलाता है। कोई बाबा आज भी वनमानुष बने घुम रहा है, तो कोई हाथ में iPhone लिए।
तो चलिए आजWeUttarakhand आपको इन 11 बाबाओं के दर्शन करवाता है।

# वनमानुष बाबा

वनमानुष बाबा के बारे में शायद ही आपने सुना होगा, मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर जिले से आए ये वनमानुष बाबा मां काली के परम भक्त हैं। वनमानुष बाबा एक ऐसी कार में रहते हैं जो एकदम नई नवेली दुल्हन की तरह सजी हुई है।

# पेट्रोल वाले बाबा

ये हैं पैट्रोल वाले बाबा ये दक्षिणा में पैसे नहीं पैट्रोल लेते हैं। गुजरात से आए नागा बाबा संन्‍यासी सावन गिरी अपनी एसयूवी कार पर बैठकर भक्‍तों से दक्षिणा में पेट्रोल लेते हैं।

# गोल्डन बाबा

तो इस कुंभ मेले (Kumbh Mela 2019) में सोने से लदे गोल्डन बाबा भी आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। गोल्डन बाबा 20 किलो सोने और 21 लग्जरी कारों के साथ इस बार कुंभ मेले पहुंचे।
आपको बता दें कि इससे पहले गोल्डन बाबा कांवड़ यात्रा से भी काफी प्रसिद्धि बटोर चुके हैं।

# रबड़ी वाले बाबा

ये हैं रबड़ी वाले बाबा आंखों में चश्मे पहने रबड़ी वाले बाबा हर दिन लगभग 50 किलो दूध से रगड़ी बनाते हैं। इनका दावा है कि इनकी रबड़ी से असाध्य रोग भी सही हो जाते हैं। उत्तर गुजरात के सिद्धपुर पाटन स्थित महाकाली बीड़ शक्तिपीठ से आये 47 वर्षीय रबड़ी वाले बाबा का असली नाम महंत गिरी जी महाराज (Mahant Giri Ji Maharaj) नागा साधु हैं।

# मचान वाले बाबा

श्री महंत राम कृष्ण दास त्यागीजी महाराज को ‘मचान वाले बाबा’ (Machaan wale baba) के नाम से प्रसिद्ध है। इन बाबा ने पिछले 44 सालों से जमीन पर कदम नहीं रखा है। उन्होंने यह संकल्प 1975 में लिया था जिसके बाद से वह हमेशा मचान के ऊपर से ही अपने श्रद्धालुओं का आशीर्वाद देते हैं। उनसे मिलने हर दिन लगभग 5000 श्रद्धालु देश विदेश आते हैं।

# खड़ेश्वरी बाबा

खड़ेश्वरी बाबा का संकल्प है कि जब तक अयोध्या में राम मंदिर नहीं बन जाता वह इसी तरह एक पैर पर ही खड़े रहेंगे। गाजियाबाद से आए खड़ेश्वरी बाबा पिछले 4 सालों से एक पैर पर ही खड़े हैं, ना तो बैठे हैं और ना ही लेटे हैं।

# रूद्राक्ष वाले बाबा

रुद्राक्ष बाबा, जिनका असली नाम शिवयोगी मोनी बाबा है, ने अपने पूरे शरीर में 11000 रुद्राक्ष धारण किए हैं। इनका संकल्प 50,000 रुद्राक्ष धारण करने का है।
अभी हाल ही में नेपाल नरेश ने इन्हें 16 मुखी रुद्राक्ष भेंट स्वरूप दिया था। सबसे रोचक बात तो यह है कि रुद्राक्ष बाबा ने एक भी रुद्राक्ष खुद नहीं खरीदा बल्कि उनके भक्तों ने उन्हें भेंट में दिया है।

#चाबी वाले कबीरा बाबा

ये हैं चाबी वाले बाबा जो हाथ में 20 किलो की चाबी लिए नंगे पैर कुंभ मेले पहुंचे हैं। चाबी वाले बाबा का असली नाम हरीशचंद्र विश्वकर्मा है। दरअसल बाबा के अपने साथ चाबी लेकर घूमने के पीछे का कारण यह है कि वो लोगों के मन के अहंकार का ताला अपनी बड़ी सी चाबी से खोलते हैं और उनके अहंकार को चूर-चूर कर उन्हें नया रास्ता दिखाते हैं।

# काऊ बॉय हैट वाले बाबा

सिर पर काऊ बॉय हैट और चमकदार चश्मे पहने बाबा भी लोगों के लिए आश्चर्य का विषय बने हैं। लोग इन बाबा के खूब सेल्फी भी ले रहें हैं।

# कांटों वाले बाबा

कांटो पर लेटे इन बाबा को देख कर हर कोई एक पल के लिए सहम जाएगा। असल में ये बाबा कांटों के बिस्तर पर लेट कर अपने पापों का प्रायश्चित कर रहे हैं। 18 वर्ष की उम्र में बाबा ने गलती से गौ हत्या कर दी थी, जिस बात का प्रायश्चित करने के लिए वह आज तक कांटो के बिस्तर पर लेटे हैं।

# डिजिटल बाबा

अंत में हम आपको डिजिटल बाबा के दर्शन कराते हैं। कुंभ में पहुँचे डिजिटल बाबा के हाथ में ना तो दंड कमंडल, ना खप्पर ना ही त्रिशूल था, बल्कि इन सब की जगह बाबा मैकबुक, ट्राइपॉड सेल्फी स्टिक, महंगे आईफोन, लेपल माइक लेकर घूम रहे हैं।

डिजिटल बाबा के बारे में यहां पढ़ें….

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