Menu Close

अमेरिका में एक बकरा बना मेयर, 15 प्रत्याशियों को पछाड़ कर जीता चुनाव

अगर आपसे कोई कहे कि एक जानवर ने चुनाव जीता है तो आप उसे पागल ही कहेंगे, लेकिन अमेरिका के एक छोटे से शहर के लोगों को इंसानों के बजाय अपने मेयर के रूप में जानवरों का चुनाव कराने का विचार आया। यह अजीब लगता है लेकिन यह सच है।

अमेरिका के वर्मोंट (Vermont) में एक छोटे से शहर फेयर हेवन(Fair Heavn) के मैनेजर जोसेफ गुंटर ने मेयर का चुनाव करने के लिए एक अनूठा तरीका चुना। चुनाव में दावेदार इंसान नहीं, बल्कि जानवर थे। चुनाव 3 साल की बकरे ने जीता जिसका नाम “लिंकन” (lincoln Mayor Goat) है, जो मेयर के रूप में कुत्तों और बिल्लियों को पछाड़ते हुए 13 वोटों से जीता। लगभग 2500 लोगों की आबादी वाले इस छोटे से शहर के लोगों को लगा कि लिंकन मनुष्यों की तुलना में मेयर के रूप में बेहतर काम करेगा।

हाल ही में संपन्न हुए इस चुनाव में लिंकन कई कुत्तों और बिल्लियों सहित 15 अन्य उम्मीदवारों में विजयी रहा।

यह भी पढ़ें –जब ‘जनरल बकरा’ ने बचाई थी गढ़वाल राइफल्स के जवानों की जान, जानिए कहानी ‘जनरल बकरा बैजू’ की…

फेयर हेवन में कोई आधिकारिक मेयर नहीं है, लेकिन टाउन के मैनेजर जोसेफ गुंटर ने इस प्रकार का चुनाव करवाने का निर्णय लिया। उन्हें यह विचार मिशिगन के एक गांव ओमेना के बारे में एक अखबार पढ़ने के बाद मिला। उन्होंने खबर पढ़ी कि स्वीट टार्ट नाम की बिल्ली को ओमान में एक शीर्ष अधिकारी के रूप में घोषित किया गया है। तब नगर प्रबंधक ने अपने क्षेत्र में वही चुनाव कराने का निर्णय लिया, जिससे खेल के मैदान के निर्माण के लिए धन जुटाने में मदद हो सके।

गुंटर ने फंड जुटाने के लिए इस विचार का उपयोग करने के निर्णय पर पछतावा नहीं किया, क्योंकि उन्होंने महसूस किया कि इस क्षेत्र में यह पहली बार था, जहां केवल 53 वोट डाले गए थे। उन्होंने सोचा कि यह पशु चुनाव बच्चों और इस शहर के नागरिकों को स्थानीय चुनाव के लिए जागरूक करने हेतु एक शानदार तरीका है। शहर के प्रबंधक जोसेफ गुंटर को उम्मीद है कि इस चुनाव के बाद अगले साल अधिक मतदान होगा।

यह भी पढ़ें – नौकरी छोड़कर की सेब की खेती और फिर खरीदी 1.40 करोड़ की रेंज रोवर.. पढ़िए

VIRAL VIDEO: दूरदर्शन ने सपने में भी नहीं सोचा होगा, उसकी धुन पर कोई ऐसे भी नाच सकता है

VIDEO देखिए: वायरल हो रही वीडियो में एक स्टूडेंट ने डांस से पूरी क्लास को इमोशनल किया, टीचरों ने भी साथ दिया…

Related Posts