आधी रात में चाँद के चारों और दिखाई दिया गोल घेरा, क्या किसी घटना का पूर्वानुमान होने की है संभावना

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रविवार रात्रि, उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्रों से चंद्रमा के चारो ओर रिंग होने की घटना को देखा गया। रात भर यह मनमोहक दृश्य आश्चर्यचकित करने योग्य था, या किसी घटना के पूर्वानुमान होने का संकेत?

क्या आपने कभी मध्य रात्रि में देखा है कि चंद्रमा के चारों और एक स्पष्ठ रूप से गोल घेरा बना हो? वास्तव में, यदि आप ऐसा देखते हैं, तोे चारों ओर ऐसा प्रतीत होता है मानो चंद्रमा के चरों तरफ इंद्रधनुष गोल घेरा बनाये उपस्थित हो। पर आखिर चंद्रमा के चारों और इस छल्ले का बनना क्या दर्शाता है?

जानते हैं आखिर ऐसा क्यों होता है-

चंद्रमा के आसपास की यह रिंग, इसकी रोशनी के अपवर्तन के कारण होती है (जो निश्चित रूप से, सूर्य के प्रकाश को परिलक्षित करती है)। ऊपरी वायुमंडल में पांच से दस किलो मीटर के बीच निलंबित बर्फ के क्रिस्टल की उपस्थित के होने से ऐसा प्रतीत होता है। आमतौर पर यह सिरस के बादलों के साथ देखे जाते हैं।

बर्फ के क्रिस्टल अपने आप में एक बहुत सुसंगत हेक्सागोनल आकार होते हैं, जिसका अर्थ है कि उनके माध्यम से गुजरने वाला कोई भी प्रकाश हमेशा लाइट को एक ही कोण पर झुकता है।

चमकने वाले यह बर्फ के क्रिस्टल के एक पहलू से गुजरते है, और फिर 22 डिग्री के कोण पर वापस अपवर्तित हो जाते हैं।

बेशक, वातावरण क्रिस्टल की एक अनगिनत संख्या से भरा है, जो सभी अलग-अलग दिशाओं में प्रकाश को अपवर्तित करते हैं। लेकिन किसी भी समय प्रकाश के अपवर्तित होने की दशा में, जब यह सही स्थिति में होते हैं, उस समय आपको यह नजारा देखने को मिलता है।

जब चंद्रमा एक समय पर क्षितिज के करीब होता है या समानांतर होता है, तब “मॉक मॉन्स” चमकीले धब्बे के रूप में दिखाई दे सकता है। कुछ स्थितियों में, विशेष रूप से आर्कटिक में, जहां बर्फ के क्रिस्टल सतह के करीब होते हैं, आप चंद्रमा के चारो ओर यह आकृति देख सकते हैं।

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