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एक ऐसा नेता जिसने कश्मीर में आतंकवादियों का सामना किया, और फिर देश के लिए लाया कई मेडल

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एक ऐसे नेता जो अब सिस्टम में रहकर लगातार भारतीय खेलों को नए मुकाम तक लेकर जा रहे हैं। चाहे उन्हें अंतर्राष्ट्रीय शूटिंग प्रतियोगिताओं में देश का प्रतिनिधित्व करना हो या कश्मीर में आतंकवादियों को मुंहतोड़ जवाब देना हो। जी हां हम बात कर रहे हैं राज्यवर्धन सिंह राठौड़ (Rajyavardhan Singh Rathore) की।

भारत का गौरव बढ़ाने के बाद कर्नल राठौड़ सिस्टम को बदलना चाहते थे और उसके लिए सिस्टम हिस्सा बनना जरूरी था। कर्नल राठौड़ ने भी सिस्टम में आकर भारतीय खेलों को नई बुलंदी तक पहुंचाने का काम किया। आइए हम उन अद्भुत क्षणों पर एक नज़र डालें जो इस महान व्यक्ति को परिभाषित करते हैं।

  • जन्म तिथि: 29 जनवरी 1970
  • जन्म स्थान: जैसलमेर, राजस्थान, भारत
  • माता-पिता: कर्नल लक्ष्मण सिंह राठौर (retd) और मंजू राठौर
  • पत्नी: गायत्री राठौर
  • सेवा: भारतीय सेना
  • रैंक: कर्नल
  • खेल: शूटिंग
  • राजनीतिक दल: भारतीय जनता पार्टी

पारिवारिक पृष्ठभूमि

राज्यवर्धन सिंह राठौड़ के लिए अनुशासन जीवन का एक तरीका था। उनके पिता कर्नल लक्ष्मण सिंह राठौर (रिटायर्ड) एक आर्मी मैन और उनकी मां मंजू राठौर, एक टीचर हैं। इसलिए उनके घर का माहौल हमेशा सख्त होता था।

उन्होंने 1998 में डॉक्टर गायत्री से शादी की। उनका एक बेटा मानवदित्य और बेटी गौरी है। उनके बेटे में भी पिता के गुण साफ झलकते हैं क्योकि वो भी एक अंतरराष्ट्रीय शूटिंग चैंपियन(International Shooting Champion) हैं। हालांकि, राठौड़ अपने बेटे को कोच नहीं करते हैं, सिर्फ एक पिता के रूप में उनका समर्थन करना चाहते हैं।

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प्रारंभिक जीवन

राठौड़ हमेशा अपने पिता से प्रेरित हुए। बचपन से ही उनका सपना सेना में शामिल होने का था । वह राष्ट्रीय रक्षा अकादमी में शामिल हुए बाद में उन्होंने भारतीय सैन्य अकादमी में भाग लिया। वह अकादमी के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी थे और उस दौरान उन्होंने बहुत सारे पुरस्कार भी जीते।

उनका आर्मी करियर 9 वीं ग्रेनेडियर्स (मेवाड़) रेजिमेंट में पोस्टिंग के साथ शुरू हुआ। राज्यवर्धन राठौर ने जम्मू और कश्मीर में पोस्टेड रहकर राष्ट्र की सेवा की। उन्होंने एक सैनिक के वास्तविक जीवन का अनुभव किया। उनकी मां का मानना ​​है कि इसी दौर ने उनको शूटर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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राज्यवर्धन सिंह राठौर के बारे में रोचक तथ्य

  • उनके पसंदीदा लेखक पाउलो कोएल्हो, टोनी रॉबिंस और चेतन भगत हैं।
  • उन्हें कई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने के लिए भारतीय सैन्य अकादमी पुरस्कार के ब्लेज़र से सम्मानित किया गया था।
  • उन्होंने पहली बार 1998 में एक शूटिंग रेंज में कदम रखा।
  • अभिनव बिंद्रा और साइना नेहवाल, राज्यवर्धन सिंह राठौर को उनके खेल करियर बनाने की प्रेरणा मानते हैं।
  • वह खेल मंत्री बनने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी हैं।

राजनीतिक स्थिति

  • जयपुर ग्रामीण के लिए संसद सदस्य – 16 मई 2014
  • युवा मामलों और खेल राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) – 3 सितंबर 2017
  • सूचना और प्रसारण राज्य मंत्री – 9 नवंबर 2014 – 14 मई 2018

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