Home Bizzare News एक बन्दर जिसने 9 साल 'रेलवे की नौकरी' की

एक बन्दर जिसने 9 साल ‘रेलवे की नौकरी’ की

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Highlights :

– Baboon, एक बंदर की प्रजाति जो Asia or Africa में पाये जाते हैं।

-Jumper, Railway Station पर एक सिग्नल मैन।

दुनिया में ऐसी कई अद्भुत कहानियां है जहां इंसानों और जानवरों ने मिलकर कई आश्चर्यजनक काम किए हैं। फिर वह जानवर चाहे कुत्ता हो, बिल्ली हो, बंदर, बकरी या कोई भी पालतू जानवर, इंसानों के साथ रहकर वह कुछ ना कुछ ऐसा सीख जाते हैं जो उन्हें उनकी बिरादरी से अलग बना देते हैं।

ऐसी ही एक अद्भुत कहानी आज हम आपको बताने जा रहे हैं। जी हां यह कहानी किसी कुत्ते या बिल्ली की नहीं बल्कि एक ऐसे बंदर की है जिसने रेलवे में 9 साल तक नौकरी की। अपनी इस 9 साल की नौकरी के दौरान उसने एक भी गलती नहीं की, यह एक ऐसे बंदर की कहानी है जो सिग्नल मैन का काम करता था और बकायदा उसे रेलवे ने यह नौकरी प्रदान की थी। अपनी इस 9 साल की नौकरी में इस बंदर ने कभी भी कोई भी सिग्नल किसी भी ट्रेन को गलत नहीं दिया।

तो आइए जानते हैं कहानी

Jack monkey baboon railway signalman, Railway Station, Cape Town – Port Elizabeth Railway service.

रेलवे डिपार्टमेंट में काम करने वाले एक व्यक्ति जंपर को रेल के डिब्बों के ऊपर करतब करने का बहुत शौक था वह रोज ट्रेन के डब्बे से दूसरे डिब्बों पर छलांग लगाया करता था। उसे यह सब करने में बहुत मजा आता था लेकिन एक दिन कुछ ऐसा हुआ कि उसके बाद वह कभी छलांग नहीं लगा पाया। उस दिन उसने एक चलती हुई ट्रेन से दूसरी चलती हुई ट्रेन पर छलांग लगाई लेकिन दुर्घटनावश वह उस दिन नीचे गिर गया और ट्रेन के टायर उसके दोनों पैरों के ऊपर चढ़ गए जिससे उसके पैर कट गए।

अब वह लकड़ी के पैर लगाकर रोज आधा मील की दूरी तय कर अपनी टायर वाली Trolly में बैठ कर नौकरी पर आया करता था। जंपर को अब सिग्नल मैन का काम दिया गया था। लेकिन वह यह काम बखूबी नहीं कर पा रहा था।

एक दिन की बात है जब जंपर ( jumper) बाजार में घूम रहा था तो उसकी नजर एक बैलगाड़ी पर पड़ी जिसको एक बंदर हांक रहा था। यह नजारा देख जंपर उस बंदर की बुद्धिमता से बहुत ही प्रभावित हुआ। जंपर ने जाकर बैलगाड़ी के मालिक से इस बंदर को खरीदने की बात कही, जिस पर की गाड़ी के मलिक ने जवाब में ‘ ना कह दिया’ । लेकिन उसने जब जंपर के शरीर को देखा तो उसे उस पर दया आ गई और उसने उसे बंदर कुछ पैसों में बेच दिया।

इस बंदर का नाम था ‘ जैक ( jack) ‘

Jack monkey baboon railway signalman, Railway Station, Cape Town – Port Elizabeth Railway service.

अब जंपर और इस बंदर की जोड़ी ने रेलवे स्टेशन 1 मील दूर कमरा लिया और अब यह बंदर ही जंपर को ट्रॉली में धक्का देकर रेलवे स्टेशन तक लाता और घर ले जाता था।

शुरू शुरू में तो जंपर ही रेलवे स्टेशन पर सिगनल देने का काम करता था और जैक उसे देखता रहता था, लेकिन जैक कोई भी काम बहुत जल्दी सीख जाता था। जेक जंपर को देखकर इन सिगनल्स को देना सीखता रहता था जंपर भी उसे थोड़ा-थोड़ा कर सिखाया करता था ऐसा काफी समय तक चलने के बाद जैक सिग्नल देने के काम में माहिर हो गया और अब उसे किसी भी तरीके के इंस्ट्रक्शन की जरूरत नहीं पड़ती थी।

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Railway Station, Cape Town – Port Elizabeth Railway service.

वहीं काफी लोग ऐसे थे जो रेलवे स्टेशन पर jack को काम करते हुए देखने आते थे। उसके इस असाधारण काम को सब की सराहना मिलती रहती थी। लेकिन कुछ लोग इसे खतरे का संकेत भी मानते थे कि अगर एक जानवर सिग्नल संभालेगा तो दुर्घटना कभी भी हो सकती है। इसके चलते उन लोगों ने बंदर के सिग्नल मैन ( signalman ) के काम के बारे में रेलवे के बड़े अधिकारियों को सूचना दी।

इस खबर को पाते ही रेलवे के अधिकारी तुरंत रेलवे स्टेशन पहुंचे और उन्होंने जंपर और जैक को नौकरी से निकाल दिया। जंपर ने बड़े अधिकारियों से प्रार्थना करते हुए कहा आप हमें ना निकाले, आप चाहे तो एक बार अपने उच्च अधिकारियों के साथ जैक की काबिलियत को परख सकते हैं।

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Railway के अधिकारियों ने लिया Jack का टेस्ट

इस बात पर रेलवे के बड़े अधिकारी मान गए और उन्होंने अपने इंजिनियर्स को ट्रेन की अलग-अलग आवाजें चलाने को कहा जैक ने उन आवाजों को सुन सभी सिगनल्स को सही तरीके से हैंडल किया।
रेलवे अधिकारियों ने जितने भी टेस्ट किए उन सब में जैक पास हो गया वह सब लोग जैक के इस अद्भुत कारनामे से बहुत ज्यादा इंप्रेस थे।
और अपनी इसी काबिलियत से जेट में जंपर की नौकरी बचाई

इतिहास में जैक ऐसा अकेला एक बंदर था जिसे रेलवे ने आधिकारिक तौर पर नौकरी पर रखा था। कहा जाता है कि जैक ने अपनी 9 साल की नौकरी में कभी भी कोई गलती नहीं की थी।

अपनी 9 साल की सेवा देने के बाद अंततः जैक की मौत टीबी ( Tuberculosis) से हुई।

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