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दहेज मांगने पर ठुकरा दी थी शादी, अब असिस्टेंट प्रोफेसर की परीक्षा में टॉप कर गई उत्तराखंड की एल्बा..

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एल्बा मंड्रेले. उत्तराखंड की बेटी की प्रेरणादायक कहानी. जब हौसले बुलंद हो तो सफलता अपने आप ही कदम चूमती है. ऐसी ही दृढ़ निश्चय की कहानी है एल्बा की. ससुराल वालों के दहेज मांगने पर एल्बा ने रिश्ता ही ठुकरा दिया. उसके बाद एल्बा ने असिस्टेंट प्रोफेसर की परीक्षा में प्रदेश में टॉप कर अपने परिवार और शहर का नाम रोशन किया.

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मुश्किलों के बाद भी एल्बा (Elba Mandrelle) ने जारी रखी पढ़ाई

एल्बा हल्द्वानी के तल्ली बमौरी की रहनी वाली है. अभी हाल ही में उत्तराखंड लोक सेवा आयोग के असिस्टेंट प्रोफेसर -2019 के एग्जाम में एल्बा ने टॉप किया. अपने जीवन में संघर्षों से जूझते हुए आज वो सफलता के इस मुकाम पर पहुंची है. एल्बा की जिंदगी में कितनी भी मुश्किलें आई लेकिन उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी. 10 साल तक अलग-अलग संस्थानों में पढ़ाने के साथ-साथ उन्होंने अपने पढ़ाई भी जारी रखी जिसके फलस्वरूप आज वे असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर नियुक्त है.

दहेज मांगने पर ठुकरा दी थी शादी

2017 में जब एल्बा की शादी तय हुई. ससुराल पक्ष ने दहेज की मांग रखी. एल्बा ने ये समझौता स्वीकार नहीं किया और ये रिश्ता ठुकरा दिया. उसके बाद उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखते हुए लोक सेवा आयोग के एग्जाम के लिए तैयारी करी. फिर 2019 में असिस्टेंट प्रोफेसर का एग्जाम आया और एल्बा ने उसमे टॉप भी किया.

अपनी मां और परिवार वालों को जीत का श्रेय

जागरण की अल्फा से बातचीत के दौरान एल्बा ने बताया कि जिंदगी में कभी हार नहीं माननी चाहिए. कभी हार हमें ऐसा रास्ता दिखाती है जो हमे जीत की ओर ले जाता है. वे बाताती हैं की उनकी जीत का श्रेय उनकी माँ और परिवार वालों को जाता है. उनकी मां हमेशा से ही उनके लिए प्रेरणा का स्रोत रही हैं.

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अब एल्बा कर रही है जरूरतमंद बच्चों की मदद

इस समय एल्बा पंडित बद्री दत्त पांडे राजकीय स्नाकोत्तर महाविद्यालय बागेश्वर में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर नियुक्त है. वे अपनी वेतन का आधा हिस्सा जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए खर्च करती हैं. शायद वे इस बात को बेहतर तरीके से समझती है की समाज में शिक्षा की कितनी अहमियत है.

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