Home National News एक भिखारी महिला ने पुलवामा हमले में शहीद हुए सीआरपीएफ जवानों के...

एक भिखारी महिला ने पुलवामा हमले में शहीद हुए सीआरपीएफ जवानों के परिवारों को 6.61 लाख रुपये दान किये

-

हाल ही में पुलवामा में हुए हमले में 40 CRPF जवानों की मौत के कारण देश सदमे में था। हालांकि, दु:ख की घड़ी में, पूरा देश शाहिद हुए सैनिकों के परिवारों के प्रति समर्थन करने के लिए एक साथ आया। व्यक्तिगत हो या सामूहिक, चाहे उनकी सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि कुछ भी हो, उनकी मदद के लिए आगे आए। इन व्यक्तियों में एक भिखारी भी है, जिसने शहीद जवानों के परिवारों को 6.61 लाख रुपये दान किए हैं। नंदिनी शर्मा ने अजमेर के बजरंगगढ़ में अम्बे माता मंदिर के बाहर भीख मांगकर अपना गुजारा किया।

यह भी पढ़ें – ऋषिकेश में ‘अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव’ में आयी केन्याई महिला के साथ बलात्कार

यह भी पढ़ें – 5 घंटे में PUBG खेल जीते 30 लाख रुपए

जानिए कहानी नंदनी की

अम्बे माता मंदिर के ट्रस्टियों में से एक संदीप गौड़ ने कहा, “नंदनी मंदिर के बाहर भीख मांगा करती थी और कई बार मंदिर परिसर को साफ करने में हमारी मदद भी करती थी।”

संदीप का कहना है कि अक्सर नंदनी मदद के लिए हमारे पास आती थी क्योंकि कई बार उसकी बचत को बदमाश छीन लिया करते थे। इसलिए हमने उसके बैंक खाते को खोलने में मदद करने की कोशिश की ताकि वह अपना पैसा जमा कर सके, लेकिन चूंकि उसके पास कोई पहचान प्रमाण नहीं था इसलिए हम ऐसा करने में असमर्थ थे।

उसने एक मेडिकल दुकान के मालिक संदीप गौड़ और उसके दोस्त अंकुर अग्रवाल से एक जोइंट खाता खोलने का अनुरोध किया, जहां वह अपना पैसा जमा रख सके।

उन्होंने कहा, “लगभग सात साल तक उसने हमें पैसे दिए और हमने अपने जोइंट खाते में जमा किए। वृद्धावस्था के कारण छह महीने पहले उसकी मृत्यु हो गई थी। उसने हमसे अनुरोध किया था कि वह इन रूपयों का इस्तेमाल एक नेक काम के लिए करे।”

गौड़ और अग्रवाल ने उनकी मृत्यु के बाद पैसे दान करने के एक सही मौके का इंतजार किया। पुलवामा हमले के बाद, दोनों ने पुलवामा हमले के शहीदों के परिवारों को नंदनी द्वारा जमा किये गए रुपये को दान देने का फैसला किया।

एक दिन दोनों जिला प्रशासन कार्यालय गए और मुख्यमंत्री राहत कोष में पैसा दान करने की इच्छा व्यक्त की, जो शहीद के परिवारों के लिए धन एकत्र कर रहा था।

अजमेर के कलेक्टर विश्वमोहन शर्मा ने एएनआई को बताया “एक महिला ने 6 लाख रुपये से अधिक की बचत की थी और यह उसकी आखिरी इच्छा थी कि इसका इस्तेमाल अच्छे उद्देश्य के लिए किया जाए। कस्टोडियन ने मुझे चेक सौंप दिया है। यह एक सराहनीय इशारा है और उम्मीद है कि यह और लोगों को आगे आने के लिए प्रेरित करेगा।”

यह भी पढ़ें – ‘नियोजित हत्या’: दिल्ली की महिला का परिवार, जो एक कार में मौत के घाट उतार दिया गया, पति पर आरोप

WeUttarakhand अब यूट्यूब पर भी सब्सक्राइब करने के लिए क्लिक करें