गढ़ कुमाऊँ

गोल्ज्यू देवता मंदिर और देवता की प्रतिमा का दृश्य

भारत का एक ऐसा मंदिर जहाँ चिट्ठी लिखकर माँगा जाता है न्याय

कुमाऊँ क्षेत्र में गोल्ज्यू देवता के मंदिरों में लोग चिट्ठी लिखकर न्याय की गुहार लगाते हैं। जानिए इस परंपरा, घोड़ाखाल मंदिर और लोककथाओं से जुड़ी मान्यताएँ।

बद्रीनाथ धाम का मुख्य मंदिर द्वार और वास्तुकला का दृश्य

आरती है, मंत्र हैं, घंटियाँ भी हैं, फिर बद्रीनाथ में शंखनाद क्यों नहीं

बद्रीनाथ धाम में आरती, मंत्र और घंटियों के बावजूद शंखनाद नहीं होता। जानिए इसके पीछे की लोककथाएँ, आध्यात्मिक कारण और हिमालयी परंपरा से जुड़ी मान्यताएँ।

श्री देव सुमन का चित्र, टिहरी रियासत के खिलाफ आंदोलन के संदर्भ में

श्री देव सुमन: टिहरी रियासत के खिलाफ वह आवाज़, जिसने 84 दिन तक भूख हड़ताल की

टिहरी गढ़वाल के श्री देव सुमन ने रियासत के खिलाफ संघर्ष करते हुए 84 दिन तक भूख हड़ताल की और 1944 में जेल में ही प्राण त्याग दिए। जानिए उनके आंदोलन और बलिदान की पूरी कहानी।

वीर चंद्र सिंह गढ़वाली का चित्र

वीर चंद्र सिंह गढ़वाली: पेशावर में दिया गया वह आदेश, जिसे एक सैनिक ने मानने से इंकार कर दिया

पौड़ी गढ़वाल के वीर चंद्र सिंह गढ़वाली ने 1930 में पेशावर के किस्सा ख्वानी बाज़ार में निहत्थे लोगों पर गोली चलाने से इंकार कर इतिहास रच दिया। जानिए उस घटना की पूरी कहानी और उसके पीछे का नैतिक साहस।

अल्मोड़ा के पास स्थित कसार देवी मंदिर का मुख्य प्रवेश द्वार

कसार देवी मंदिर: हिमालय की वह पहाड़ी, जहाँ अध्यात्म और रहस्य साथ दिखाई देते हैं

कसार देवी मंदिर अल्मोड़ा के पास स्थित एक प्राचीन स्थल है जो आस्था, आध्यात्मिक साधना और हिमालयी प्रकृति के लिए जाना जाता है। यह स्थान स्वामी विवेकानंद की यात्रा और भू-चुंबकीय क्षेत्र की चर्चाओं से भी जुड़ा माना जाता है।

टिहरी गढ़वाल जिले में स्थित खैट पर्वत की पहाड़ी और आसपास का हिमालयी दृश्य

खैट पर्वत: टिहरी गढ़वाल की वह पहाड़ी जिसे लोककथाओं में “परियों का देश” कहा जाता है

टिहरी गढ़वाल के घनसाली क्षेत्र के पास स्थित खैट पर्वत गढ़वाल की लोककथाओं में “परियों का देश” के रूप में जाना जाता है, जहाँ प्रकृति, रहस्य और स्थानीय मान्यताओं से जुड़ी कई कहानियाँ सुनाई जाती हैं।

तिलाड़ी कांड के शहीदों की स्मृति में बना स्मारक पत्थर

तिलाड़ी कांड: पहाड़ की वह घटना जिसे “गढ़वाल का जलियांवाला बाग” कहा गया

1930 में उत्तरकाशी के तिलाड़ी मैदान में हुई गोलीबारी की घटना को तिलाड़ी कांड के नाम से जाना जाता है। निहत्थे ग्रामीणों पर हुई इस कार्रवाई को कई लोग “गढ़वाल का जलियांवाला बाग” भी कहते हैं।

चमोली जिले के वाण गाँव में स्थित लाटू देवता मंदिर की पूजा परंपरा

लाटू देवता: उत्तराखंड के उस देवता की कहानी, जिनके मंदिर में पुजारी भी आँखों पर पट्टी बाँधकर प्रवेश करता है

चमोली जिले के वाण गाँव में स्थित लाटू देवता का मंदिर उत्तराखंड की एक अनोखी धार्मिक परंपरा के लिए प्रसिद्ध है, जहाँ गर्भगृह में प्रवेश करते समय पुजारी भी आँखों पर पट्टी बाँधता है।

उत्तराखंड के चमोली जिले में द्रोणागिरी पर्वत का स्थान दर्शाता बोर्ड

द्रोणागिरी पर्वत का रहस्य: उत्तराखंड का वह गाँव जहाँ हनुमान से जुड़ी एक अनोखी लोकमान्यता सुनाई देती है

चमोली जिले के द्रोणागिरी पर्वत से जुड़ी एक अनोखी लोकमान्यता आज भी स्थानीय लोगों के बीच सुनाई देती है। यह कथा रामायण की संजीवनी बूटी की कहानी से जुड़ी मानी जाती है।

राजुला मालूशाही की कुमाऊँ लोकगाथा से प्रेरित हिमालयी दृश्य

राजुला-मालूशाही: कुमाऊँ की वह प्रेम कथा जिसमें वचन, विरह, साधना और संघर्ष के बाद मिला मिलन

राजुला-मालूशाही कुमाऊँ की प्रसिद्ध लोकगाथा है जो प्रेम, वचन और संघर्ष की कहानी सुनाती है।
यह कथा लोकगीतों और जागरों के माध्यम से पीढ़ियों से उत्तराखंड की लोकसंस्कृति में जीवित है।