₹1105 करोड़ का Rishikesh Bypass Project मंजूर, 3 साल में तैयार होगा 4- लेन मार्ग

Proposed 4-lane elevated highway on NH-7 under the Rishikesh Bypass Project

उत्तराखंड में ऋषिकेश के लगातार बढ़ते ट्रैफिक जाम से परेशान लोगों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। केंद्र सरकार ने उत्तराखंड में नेशनल हाईवे-7 पर 4-लेन ऋषिकेश बायपास प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है।

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार, 1 अप्रैल को इसकी घोषणा करते हुए बताया कि इस प्रोजेक्ट पर लगभग ₹1105.79 करोड़ की लागत आएगी। यह बायपास प्रोजेक्ट कुल 12.670 Km लंबा होगा, जो तीनपानी फ्लाईओवर से खरासोटे पुल तक विकसित किया जाएगा।

यह मार्ग देहरादून और टिहरी जिलों के भट्टोवाला और ढालवाला गांवों से होकर गुजरेगा, जिससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को नया आयाम मिलेगा।

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने X पर अपने बयान में कहा कि 12.670 Km लंबे 4-लेन ऋषिकेश बायपास के निर्माण को मंजूरी दे दी गई है, जो भट्टोवाला और ढालवाला गांवों से होकर गुजरते हुए तीनपानी फ्लाईओवर से खरास्रोत ब्रिज तक नेशनल हाईवे-7 पर विकसित किया जाएगा, जिसकी लागत ₹1105.79 करोड़ होगी।

ऋषिकेश को चारधाम यात्रा का मुख्य प्रवेश द्वार माना जाता है। हर साल यात्रा सीजन के दौरान यहां भारी ट्रैफिक दबाव देखने को मिलता है, जिससे शहर के भीतर जाम की स्थिति लगातार बनी रहती है।

इस नए बायपास प्रोजेक्ट का उद्देश्य इसी ट्रैफिक को शहर के मुख्य हिस्से से बाहर डायवर्ट करना है, ताकि शहरी क्षेत्र में यातायात सुचारु रूप से संचालित हो सके।

सरकार के अनुसार, इस प्रोजेक्ट से सड़क सुरक्षा में सुधार होगा, यात्रा समय कम होगा और यात्रियों के लिए समग्र ट्रैवल अनुभव बेहतर बनेगा।

इस प्रोजेक्ट के लिए सरकार ने स्पष्ट किया है कि निर्माण कार्य 3 साल में पूरा किया जाना अनिवार्य होगा और लागत या समय में किसी भी प्रकार की बढ़ोतरी स्वीकार नहीं की जाएगी। साथ ही, निविदाएं ई-टेंडरिंग के माध्यम से जारी की जाएंगी।

यह बायपास चारधाम मार्गों की कनेक्टिविटी को भी मजबूत करेगा।

बद्रीनाथ और केदारनाथ तक नेशनल हाईवे-7 के माध्यम से तथा गंगोत्री और यमुनोत्री तक नेशनल हाईवे-34 के माध्यम से संपर्क सुधरेगा।

साथ ही, माना, नीति और नेलांग जैसे भारत-चीन सीमा से जुड़े संवेदनशील क्षेत्रों तक कनेक्टिविटी मजबूत होगी, जो पर्यटन और सुरक्षा दोनों के दृष्टिगत महत्वपूर्ण माने जाते हैं।

इस बहुप्रतीक्षित प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद ऋषिकेश क्षेत्र में ट्रैफिक प्रबंधन अधिक सुव्यवस्थित हो सकेगा और जाम की समस्या से राहत मिलेगी। ऋषिकेश जैसे संवेदनशील ट्रैफिक ज़ोन में दबाव घटने से स्थानीय लोगों के साथ-साथ चारधाम यात्रा पर जाने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए सफर अधिक सुगम और सुरक्षित हो सकेगा।