
जलते जंगलों के बीच खड़ा पहाड़, क्या धुएँ में घुल रही है हमारी पहाड़ी पहचान
जलते जंगलों के बीच खड़ा पहाड़ और धुएँ में घुलती पहाड़ी पहचान उत्तराखंड में वनाग्नि के बढ़ते संकट की ओर संकेत करती है। जानिए इसके कारण, प्रभाव और समाधान।

जलते जंगलों के बीच खड़ा पहाड़ और धुएँ में घुलती पहाड़ी पहचान उत्तराखंड में वनाग्नि के बढ़ते संकट की ओर संकेत करती है। जानिए इसके कारण, प्रभाव और समाधान।

कुमाऊँ क्षेत्र में गोल्ज्यू देवता के मंदिरों में लोग चिट्ठी लिखकर न्याय की गुहार लगाते हैं। जानिए इस परंपरा, घोड़ाखाल मंदिर और लोककथाओं से जुड़ी मान्यताएँ।

बद्रीनाथ धाम में आरती, मंत्र और घंटियों के बावजूद शंखनाद नहीं होता। जानिए इसके पीछे की लोककथाएँ, आध्यात्मिक कारण और हिमालयी परंपरा से जुड़ी मान्यताएँ।

ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना में सुरंग निर्माण तेजी से आगे बढ़ रहा है, जिसमें लगभग 190 Km से अधिक टनल कार्य पूरा हो चुका है। जानिए इस परियोजना की प्रगति, पुल निर्माण और इसका उत्तराखंड पर प्रभाव।

टिहरी गढ़वाल के श्री देव सुमन ने रियासत के खिलाफ संघर्ष करते हुए 84 दिन तक भूख हड़ताल की और 1944 में जेल में ही प्राण त्याग दिए। जानिए उनके आंदोलन और बलिदान की पूरी कहानी।

पौड़ी गढ़वाल के वीर चंद्र सिंह गढ़वाली ने 1930 में पेशावर के किस्सा ख्वानी बाज़ार में निहत्थे लोगों पर गोली चलाने से इंकार कर इतिहास रच दिया। जानिए उस घटना की पूरी कहानी और उसके पीछे का नैतिक साहस।

उत्तराखंड के पहाड़ी गांवों में पर्यटन, जैविक खेती और छोटे स्थानीय उद्यमों के माध्यम से रोजगार के नए अवसर उभर रहे हैं। जानिए कैसे बदलता दृष्टिकोण, होमस्टे, पारंपरिक अनाज और डिजिटल काम पहाड़ के युवाओं के लिए नई संभावनाएँ खोल रहे हैं।

उत्तराखंड विधानसभा ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹1.11 लाख करोड़ से अधिक का बजट पारित कर दिया है। भराड़ीसैंण में पांच दिन चले सत्र के बाद सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई।

पिथौरागढ़ जिले की व्यास घाटी में स्थित आदि कैलाश के लिए वार्षिक यात्रा 8 मई 2026 से शुरू होगी। प्रशासन अप्रैल के अंत से इनर लाइन परमिट जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर सकता है।

चारधाम यात्रा 2026 के लिए ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस वर्ष यात्रा की शुरुआत 19 अप्रैल को गंगोत्री और यमुनोत्री मंदिरों के कपाट खुलने के साथ होगी।