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भारत ने उत्तराखंड के लिपुलेख पर नेपाल के दावे को ख़ारिज किया, कैलाश मानसरोवर यात्रा पर विवाद बढ़ा

भारत और नेपाल के बीच लिपुलेख दर्रे को लेकर एक बार फिर विवाद सामने आया है।। नेपाल ने लिपुलेख पास से होते हुए कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग पर आपत्ति जताई है। भारत ने साफ कहा है कि नेपाल के क्षेत्रीय दावे “न तो उचित हैं और न ही ऐतिहासिक तथ्यों

ऋषिकेश–कर्णप्रयाग रेल परियोजना के तहत पहाड़ी क्षेत्र में बनती सुरंग और रेल ट्रैक निर्माण कार्य, आसपास हिमालयी भूभाग और इंजीनियरिंग गतिविधि दिखाई देती हुई।

ऋषिकेश–कर्णप्रयाग रेल लाइन परियोजना में 73.5 फीसदी काम पूरा; 125 Km के कॉरिडोर पर ₹28,269 करोड़ खर्च

उत्तराखंड में बन रही ऋषिकेश–कर्णप्रयाग नई रेल लाइन परियोजना का निर्माण कार्य मार्च 2026 तक 73.5 प्रतिशत पूरा हो चुका है। यह जानकारी ताजा सरकारी आंकड़ों में सामने आई है। 125 Km लंबी ये रेल लाइन हिमालयी क्षेत्र की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण देश की सबसे चुनौतीपूर्ण रेलवे परियोजनाओं

देहरादून में निर्माणाधीन 12 Km लंबा आशारोड़ी-झाझरा बायपास कॉरिडोर, जहां चार-लेन सड़क का कार्य जारी है और आसपास हरियाली दिखाई दे रही है

देहरादून बायपास प्रोजेक्ट से शहर के ट्रैफिक को मिलेगी राहत, ₹716 करोड़ के कॉरिडोर का 44 फीसदी निर्माण पूरा

देहरादून में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए तैयार किया जा रहा आशारोड़ी-झाझरा बायपास प्रोजेक्ट अब तेजी से आगे बढ़ रहा है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) द्वारा विकसित किए जा रहे इस 12 Km लंबे देहरादून बायपास प्रोजेक्ट में अब तक लगभग 44 फीसदी निर्माण कार्य

पंच बद्री परंपरा और उत्तराखंड के हिमालयी आध्यात्मिक मार्ग का दृश्य

पहाड़, परंपरा और आस्था के बीच विकसित होते पाँच पवित्र स्थलों की एक सच्ची झलक

उत्तराखंड के पंच बद्री केवल पाँच मंदिर नहीं, बल्कि आस्था और परंपरा का विस्तृत हिमालयी स्वरूप हैं।
जानिए इन पाँच पवित्र स्थलों का महत्व, इतिहास और उनसे जुड़ी मान्यताओं की पूरी जानकारी।

ऐपण (अल्पना) बनाते हुए कुमाऊँ क्षेत्र की पारंपरिक लोककला का दृश्य

ऐपण (अल्पना): आस्था, रेखाओं और परंपरा का जीवित स्वरूप

कुमाऊँ क्षेत्र की पारंपरिक लोककला ऐपण (अल्पना) कैसे आस्था, अनुष्ठानों और दैनिक जीवन से जुड़कर एक जीवित सांस्कृतिक अभिव्यक्ति बनती है, जानिए इसके रूप और महत्व।