WeUttarakhand Staff

हिंदुकुश-हिमालय पर्वत श्रृंखला का हवाई दृश्य

हिंदुकुश-हिमालय में तेजी से बढ़ रहीं ग्लेशियर झीलें, तापमान 0.2–0.3 डिग्री प्रति दशक बढ़ा: वैज्ञानिक अध्ययन

वैज्ञानिक अध्ययन के अनुसार हिंदुकुश-हिमालय क्षेत्र में तापमान 0.2–0.3 डिग्री प्रति दशक की दर से बढ़ रहा है, जिससे ग्लेशियर तेजी से पिघल रहे हैं और हिमनदीय झीलों के विस्तार के कारण भविष्य में आपदाओं का जोखिम बढ़ सकता है।

धाराली आपदा के बाद उत्तरकाशी में राहत और बचाव कार्य

धाराली आपदा: प्रभावित 115 परिवारों के पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू, पहले चरण में 30 परिवारों के लिए भूमि चिन्हित

उत्तरकाशी के धाराली गांव में 2025 की आपदा से प्रभावित 115 परिवारों के पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू हो गई है। पहले चरण में 30 परिवारों के लिए भूमि चिन्हित कर भू-वैज्ञानिक जांच की जा रही है।

योग नगरी ऋषिकेश रेलवे स्टेशन भवन

ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना दिसंबर 2028 तक पूरी होने की संभावना: आरवीएनएल सीएमडी

ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना के दिसंबर 2028 तक पूरा होने की संभावना जताई गई है। 125 किमी लंबी यह रेल लाइन उत्तराखंड के पांच जिलों को जोड़ेगी और पहाड़ों में रेल कनेक्टिविटी को बढ़ाएगी।

चमोली की उद्यमी दिव्या रावत मशरूम उत्पादन केंद्र में

पहाड़ की ‘मशरूम लेडी’: दिव्या रावत ने मशरूम खेती से खोले रोजगार के नए रास्ते, पलायन रोकने की पहल

चमोली की दिव्या रावत ने मशरूम खेती के माध्यम से हजारों परिवारों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा किए और पहाड़ों में पलायन की समस्या के समाधान की दिशा में एक नई पहल की।

नमकवाली ब्रांड की संस्थापक शशि बहुगुणा रतूड़ी और स्थानीय महिलाएँ

पहाड़ की ‘नमकवाली’: ₹1,000 से शुरू हुआ सफर बना ₹5 करोड़ का कारोबार, शशि बहुगुणा रतूड़ी की प्रेरक कहानी

उत्तराखंड की उद्यमी शशि बहुगुणा रतूड़ी ने ₹1,000 से शुरू हुए पारंपरिक “पिस्यू लून” के छोटे व्यवसाय को आज करोड़ों के ब्रांड “नमकवाली” में बदल दिया है।

नैनीताल जिले के ओखलकांडा क्षेत्र में पौधरोपण के लिए पौधे तैयार करते चंदन नयाल

पहाड़ का “ट्री मैन”: चंदन नयाल ने 12 वर्षों में लगाए 80,000 से अधिक पेड़, जंगल और जल संरक्षण की अनोखी मिसाल

नैनीताल जिले के ओखलकांडा क्षेत्र के चंदन नयाल ने पिछले 12 वर्षों में 80,000 से अधिक पेड़ लगाकर और हजारों चाल-खाल बनाकर पहाड़ों में जल और जंगल संरक्षण की अनोखी मिसाल पेश की है।

बागेश्वर जिले के किसान जगदीश चंद्र कुणियाल पौधा लगाते हुए

बंजर ज़मीन से हरियाली तक: उत्तराखंड के 60 वर्षीय किसान ने लगाए एक लाख पेड़, बदल दी पूरे गांव की तस्वीर

बागेश्वर जिले के सिरकोट गांव के किसान जगदीश चंद्र कुणियाल ने चार दशकों में लगभग एक लाख पेड़ लगाकर बंजर जमीन को घने जंगल में बदल दिया और पूरे गांव की सोच बदल दी।

गढ़वाली फिल्म इंडस्ट्री और कलाकारों का प्रतिनिधित्व करता दृश्य

पहाड़ की आवाज़, परदे की कहानी: गढ़वाली फिल्म इंडस्ट्री

गढ़वाली फिल्म इंडस्ट्री ने सीमित संसाधनों के बावजूद पहाड़ के जीवन, संस्कृति और संघर्षों को परदे पर दिखाने की कोशिश की है। यह सिनेमा आज भी उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा हुआ है।

उत्तराखंड के हिमालय में स्थित नंदा देवी पर्वत शिखर

नंदा देवी शिखर पर चढ़ाई क्यों प्रतिबंधित है?

नंदा देवी भारत की दूसरी सबसे ऊँची चोटी है, लेकिन इसके मुख्य शिखर पर पर्वतारोहण प्रतिबंधित है। इसके पीछे पर्यावरण संरक्षण, ऐतिहासिक घटनाएँ और हिमालय की संवेदनशील पारिस्थितिकी जैसे कई कारण जुड़े हुए हैं।

अल्मोड़ा के पास स्थित कसार देवी मंदिर का मुख्य प्रवेश द्वार

कसार देवी मंदिर: हिमालय की वह पहाड़ी, जहाँ अध्यात्म और रहस्य साथ दिखाई देते हैं

कसार देवी मंदिर अल्मोड़ा के पास स्थित एक प्राचीन स्थल है जो आस्था, आध्यात्मिक साधना और हिमालयी प्रकृति के लिए जाना जाता है। यह स्थान स्वामी विवेकानंद की यात्रा और भू-चुंबकीय क्षेत्र की चर्चाओं से भी जुड़ा माना जाता है।