उत्तराखंड विधानसभा ने ₹1.11 लाख करोड़ का बजट पारित किया, पांच दिवसीय सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित

उत्तराखंड विधानसभा ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹1.11 लाख करोड़ से अधिक का बजट पारित कर दिया है। भराड़ीसैंण में पांच दिन चले सत्र के बाद सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई।
गैरसैंण स्थित उत्तराखंड विधानसभा भवन

उत्तराखंड विधानसभा ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹1,11,703.21 करोड़ के बजट को पारित कर दिया है। भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा में आयोजित सत्र के अंतिम दिन शुक्रवार देर रात विभागवार बजट और विनियोग विधेयक को बहुमत से पारित किया गया। इसके साथ ही सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई।

देर रात पारित हुआ विनियोग विधेयक

विधानसभा में बजट पर चर्चा के बाद लगभग रात 12.30 बजे विभागवार अनुदानों के साथ विनियोग विधेयक पारित किया गया। इसके बाद अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने की घोषणा की।

पांच दिन चला बजट सत्र

भराड़ीसैंण में आयोजित यह बजट सत्र 9 मार्च से शुरू हुआ था और कुल पांच दिनों तक चला। सत्र के दौरान विधानसभा की कार्यवाही 41 घंटे 10 मिनट तक चली।

बजट पर हुई चर्चा में सत्तापक्ष के 30 और विपक्ष के 13 विधायकों ने भाग लिया। लगातार दो दिनों तक लगभग 11-11 घंटे बजट पर चर्चा हुई।

कुल 11 विधेयक पारित

इस सत्र के दौरान विधानसभा में कुल 11 विधेयक पारित किए गए। इनमें देवभूमि परिवार विधेयक, जनविश्वास विधेयक और समान नागरिक संहिता संशोधन विधेयक भी शामिल हैं।

सत्र के अंतिम दिन प्रश्नकाल के दौरान विभिन्न मुद्दों पर प्रश्न पूछे गए, जबकि शून्यकाल में कार्यस्थगन प्रस्तावों को ग्राह्यता के आधार पर सुना गया। इसके बाद सामान्य बजट पर चर्चा आगे बढ़ाई गई।

बजट पर सरकार का पक्ष

बजट पर चर्चा के दौरान विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों के जवाब में संसदीय कार्य मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि बजट में सभी वर्गों के हितों को ध्यान में रखते हुए प्रावधान किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि बजट में किसान, महिला सशक्तीकरण, नवाचार और रोजगार से जुड़े क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया है। साथ ही प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए ग्रीन सेस, आर्थिकी और पारिस्थितिकीय पर्यटन जैसे नए आय स्रोतों पर भी काम किया जा रहा है।

रोजगार और उद्यमिता पर जोर

सरकार के अनुसार बजट में पर्यटन, कृषि और बागवानी के माध्यम से रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में प्रावधान किए गए हैं। इसके अलावा युवाओं के लिए नई भर्तियों और उद्यमिता को बढ़ावा देने के उपाय भी शामिल किए गए हैं।

सरकार ने यह भी कहा कि प्रदेश में समाज कल्याण योजनाओं के बजट में निरंतर वृद्धि की गई है और गैरसैंण के विकास को लेकर भी योजनाएं तैयार की गई हैं।

विनियोग विधेयक पारित होने के साथ ही वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य का बजट औपचारिक रूप से स्वीकृत हो गया।