देहरादून, 7 अक्टूबर। उत्तराखंड में मंगलवार रात भूकंप के झटके महसूस किए गए। गढ़वाल और कुमाऊं के कई इलाकों में अचानक धरती हिलने से लोग घबरा गए। राज्य के पर्वतीय जिलों से लेकर मैदानी क्षेत्रों तक झटके महसूस किए गए। भूकंप का केंद्र चमोली जिले में था और इसकी तीव्रता 4.9 दर्ज की गई।
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार, भूकंप 6 अक्टूबर की रात 10 बजकर 23 मिनट 13 सेकंड पर आया। इसका केंद्र चमोली में 30.103 उत्तरी अक्षांश और 79.561 पूर्वी देशांतर पर था। भूकंप की गहराई जमीन से 13 किलोमीटर नीचे दर्ज की गई।
भूकंप का असर उत्तराखंड के बड़े हिस्से में महसूस किया गया। बागेश्वर, भीमताल, पिथौरागढ़, चंपावत, हल्द्वानी और खटीमा के साथ रुद्रप्रयाग, ऋषिकेश, गोपेश्वर, चमोली और बदरीनाथ में भी लोगों ने झटके महसूस किए। थराली, श्रीनगर और पोखरी से भी झटके महसूस किए जाने की जानकारी सामने आई।
रात में अचानक आए झटकों से कई स्थानों पर लोग घबरा गए। घरों और इमारतों में कंपन महसूस होने के बाद कुछ लोग बाहर निकल आए। हालांकि शुरुआती जानकारी के अनुसार, राज्य के किसी भी हिस्से से बड़े नुकसान या जनहानि की सूचना नहीं मिली।
चमोली में आए इस भूकंप का असर उत्तराखंड तक ही सीमित नहीं रहा। दिल्ली-एनसीआर के कुछ इलाकों में भी हल्के झटके महसूस किए गए। NCS के रिकॉर्ड के अनुसार, भूकंप का केंद्र नई दिल्ली से करीब 282 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में था।
NCS के विस्तृत रिकॉर्ड के अनुसार, भूकंप का केंद्र जोशीमठ से करीब 50 किलोमीटर दक्षिण में था। कम गहराई पर आए भूकंप के कारण आसपास के क्षेत्रों में इसके झटके स्पष्ट रूप से महसूस किए गए।
उत्तराखंड भूकंप के लिहाज से संवेदनशील हिमालयी राज्यों में शामिल है। ऐसे में 4.9 तीव्रता के इस भूकंप ने एक बार फिर पर्वतीय क्षेत्रों में भूकंपरोधी निर्माण और आपदा से निपटने की तैयारियों की अहमियत को सामने रखा है।
फिलहाल भूकंप से किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है। हालांकि गढ़वाल से कुमाऊं तक कई इलाकों में झटके महसूस होने के कारण कुछ समय तक लोगों में डर और चिंता का माहौल रहा।
यह भी पढ़ें: UKSSSC की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ा मौका, टेक्नीशियन ग्रेड-II के 78 पदों पर भर्ती, 12 अक्टूबर से आवेदन
यह भी पढ़ें: उत्तराखंड के लिए तीन रेल सेवाएं मंजूर, दो नई एसी एक्सप्रेस चलेंगी; बांद्रा गरीब रथ का हरिद्वार तक विस्तार




