उत्तराखंड में अल्मोड़ा के रवि टम्टा ने बनाया इलेक्ट्रिक फ्लाइंग व्हीकल, प्रारंभिक मॉडल ने भरी सफल उड़ान

पहाड़ों की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच व्यक्तिगत हवाई परिवहन की यह अवधारणा भविष्य की संभावनाओं की ओर इशारा करती है। अल्मोड़ा के युवा इनोवेटर रवि टम्टा ने अपने इलेक्ट्रिक फ्लाइंग व्हीकल का प्रोटोटाइप कैसे तैयार किया, शुरुआती परीक्षण में क्या हासिल हुआ और इसे वास्तविक उपयोग तक पहुंचने के लिए अभी किन चरणों से गुजरना होगा, विस्तार से पढ़िए।
The HAPIDA SKYNEX electric personal flying vehicle prototype during its initial low-altitude flight test in Uttarakhand.

अल्मोड़ा, 7 अगस्त। उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के युवा इनोवेटर रवि टम्टा ने इलेक्ट्रिक पर्सनल फ्लाइंग व्हीकल का प्रोटोटाइप तैयार कर उसका शुरुआती उड़ान परीक्षण किया है। काफलीखान क्षेत्र के रहने वाले रवि अपने स्टार्टअप Hapida Sky Private Limited के तहत इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं।

रवि ने इस प्रोटोटाइप को ‘HAPIDA SKYNEX’ नाम दिया है। यह एक सीट वाला इलेक्ट्रिक फ्लाइंग व्हीकल है, जिसे ड्रोन तकनीक के आधार पर विकसित किया गया है। सामने आए वीडियो में प्रोटोटाइप को जमीन से ऊपर उठते देखा जा सकता है। फिलहाल यह तकनीक विकास के शुरुआती चरण में है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी रवि टम्टा को इस उपलब्धि पर बधाई दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि अल्मोड़ा के युवा इनोवेटर रवि टम्टा ने ड्रोन तकनीक में नवाचार करते हुए HAPIDA SKYNEX प्रोटोटाइप का सफल उड़ान परीक्षण किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि बताती है कि उत्तराखंड के युवाओं में प्रतिभा, नवाचार और वैज्ञानिक सोच की कोई कमी नहीं है। उन्होंने रवि के इस प्रयास को उत्तराखंड के साथ पूरे देश के युवाओं के लिए प्रेरणादायक बताया और उनके उज्ज्वल भविष्य तथा आगे के नवाचारों के लिए शुभकामनाएं दीं।

रवि टम्टा के अनुसार, पहाड़ी क्षेत्रों में कम दूरी तय करने में भी कई बार काफी समय लग जाता है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए उन्होंने ऐसे व्यक्तिगत हवाई वाहन पर काम शुरू किया, जो बिजली से चल सके और भविष्य में कम समय में एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचने का विकल्प दे सके।

इस प्रोजेक्ट पर कई वर्षों से रिसर्च और डेवलपमेंट का काम चल रहा था। प्रोटोटाइप की उड़ान को रवि इस दिशा में शुरुआती बड़ी सफलता मान रहे हैं। हालांकि किसी भी व्यक्तिगत हवाई वाहन को वास्तविक इस्तेमाल तक पहुंचाने के लिए अभी कई तकनीकी और सुरक्षा परीक्षण जरूरी होंगे।

वाहन की बैटरी क्षमता, उड़ान अवधि, अधिकतम दूरी, वजन उठाने की क्षमता और अलग-अलग परिस्थितियों में नियंत्रण जैसे पहलुओं पर आगे परीक्षण की जरूरत होगी। इसके अलावा किसी भी ऐसे वाहन के व्यावसायिक या सार्वजनिक इस्तेमाल से पहले विमानन नियमों और जरूरी मंजूरियों की प्रक्रिया भी पूरी करनी होगी।

Hapida Sky Private Limited का पंजीकरण जून 2023 में उत्तराखंड में हुआ था। उपलब्ध कॉरपोरेट रिकॉर्ड में कंपनी का पंजीकृत पता अल्मोड़ा जिले के काफलीखान क्षेत्र में दर्ज है। रवि इसी कंपनी के जरिए अपने फ्लाइंग व्हीकल प्रोजेक्ट को आगे बढ़ा रहे हैं।

रवि का कहना है कि भविष्य में इस तरह की तकनीक पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा का समय कम करने में मददगार हो सकती है। हालांकि अभी इससे जुड़ी दूरी, समय और व्यावहारिक इस्तेमाल के दावे प्रोटोटाइप स्तर पर हैं और उनका स्वतंत्र तकनीकी परीक्षण होना बाकी है।

अल्मोड़ा जैसे पर्वतीय जिले में इस तरह का प्रयोग इसलिए भी खास है, क्योंकि यहां कई जगह सड़क से कम दूरी तय करने में भी घुमावदार रास्तों के कारण ज्यादा समय लगता है। ऐसे में व्यक्तिगत हवाई परिवहन की तकनीक भविष्य के लिए एक नया विकल्प बन सकती है, लेकिन HAPIDA SKYNEX को वास्तविक इस्तेमाल तक पहुंचने से पहले अभी कई चरणों से गुजरना होगा।

यह भी पढ़ें: FASTag Annual Pass में बार-बार रिचार्ज से मिलेगी राहत, इस App से मिलेगी सुविधा

यह भी पढ़ें: देहरादून में बन रहा 12 किमी नया फोरलेन बाईपास, पांवटा मार्ग को दिल्ली कॉरिडोर से जोड़ेगा