उत्तराखंड, 18 अगस्त। उत्तराखंड में दोपहिया वाहन चलाने वालों के लिए ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़ा एक महत्वपूर्ण बदलाव सामने आया है। अब वाहन चालक के लिए सिर्फ ड्राइविंग लाइसेंस होना ही पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि यह भी देखना जरूरी होगा कि लाइसेंस में उस वाहन की सही श्रेणी दर्ज है या नहीं। खास तौर पर गियर वाली मोटरसाइकिल का लाइसेंस रखने वाले लोगों को स्कूटी या दूसरे बिना गियर वाले दोपहिया वाहन चलाने से पहले अपने लाइसेंस की श्रेणी जांचनी होगी।
मोटर वाहन कानून में मोटरसाइकिल विद गियर और मोटरसाइकिल विदाउट गियर को अलग-अलग श्रेणियों में रखा गया है। उत्तराखंड ट्रैफिक पुलिस की लाइसेंस संबंधी जानकारी में भी दोनों श्रेणियों को अलग दिखाया गया है। जन विश्वास (प्रावधानों का संशोधन) अधिनियम, 2026 के बाद पुराने कानून में मौजूद वह विशेष व्यवस्था हटा दी गई है, जिसमें अधिनियम लागू होने से पहले जारी कुछ मोटरसाइकिल लाइसेंस को गियर और बिना गियर दोनों प्रकार की मोटरसाइकिल के लिए प्रभावी माना जाता था। ऐसे में अब लाइसेंस पर दर्ज वाहन श्रेणी का महत्व और बढ़ गया है।
इसका सीधा मतलब यह है कि यदि किसी वाहन चालक के ड्राइविंग लाइसेंस में केवल गियर वाली मोटरसाइकिल की श्रेणी दर्ज है, तो उसे यह मानकर नहीं चलना चाहिए कि उसी लाइसेंस पर हर तरह की स्कूटी या बिना गियर वाला दोपहिया वाहन चलाने की अनुमति अपने आप मिल गई है। चालक को अपने लाइसेंस में दर्ज श्रेणी की जांच करनी चाहिए और जरूरत पड़ने पर परिवहन विभाग के माध्यम से संबंधित श्रेणी जुड़वानी चाहिए।
उत्तराखंड परिवहन विभाग की ऑनलाइन व्यवस्था में ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़ी सेवाएं सारथी पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध हैं। जिन लोगों को अपने मौजूदा लाइसेंस में बदलाव या अतिरिक्त सेवा की जरूरत है, वे “Services on DL” के माध्यम से उपलब्ध विकल्प देख सकते हैं।
जन विश्वास अधिनियम, 2026 के तहत मोटर वाहन कानून में कई दूसरे बदलाव भी किए गए हैं। इस कानून का उद्देश्य छोटे उल्लंघनों के लिए आपराधिक सजा को कम करना और कई मामलों में आर्थिक दंड तथा प्रशासनिक प्रक्रिया को बढ़ाना है। हालांकि अधिनियम में साफ किया गया है कि अलग-अलग संशोधन केंद्र सरकार की अधिसूचना के जरिए अलग-अलग तारीखों से लागू किए जा सकते हैं। इसलिए कानून में संशोधन हो जाने और किसी विशेष प्रावधान के जमीन पर प्रभावी हो जाने को एक ही बात नहीं माना जाना चाहिए।
वाहन बीमा को लेकर भी जन विश्वास संशोधन में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। प्रस्तावित व्यवस्था में बिना वैध बीमा वाहन चलाने पर जेल की सजा के स्थान पर अधिक आर्थिक दंड का प्रावधान किया गया है। लेकिन नई दंड राशि को उत्तराखंड में वर्तमान समय में लागू जुर्माना बताने से पहले संबंधित प्रावधान की प्रभावी अधिसूचना देखना जरूरी है। इसलिए वाहन चालकों के लिए फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वाहन का वैध थर्ड पार्टी बीमा हर समय मौजूद रहे, क्योंकि बिना बीमा वाहन चलाना पहले से ही मोटर वाहन कानून का उल्लंघन है।
वाहन रजिस्ट्रेशन और ड्राइविंग लाइसेंस को लेकर भी प्रक्रियाओं को आसान बनाने की दिशा में बदलाव हो रहे हैं। उत्तराखंड परिवहन विभाग वर्तमान में वाहन से जुड़ी कई सेवाएं वाहन पोर्टल और ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़ी सेवाएं सारथी पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन उपलब्ध करा रहा है। इनमें वाहन के स्वामित्व का हस्तांतरण, पता बदलना, रजिस्ट्रेशन का नवीनीकरण और ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़ी कई सेवाएं शामिल हैं।
हालांकि यह दावा कि उत्तराखंड का कोई भी व्यक्ति अब बिना किसी क्षेत्रीय शर्त के राज्य के किसी भी RTO में नया वाहन रजिस्ट्रेशन या ड्राइविंग लाइसेंस बनवा सकता है, उपलब्ध उत्तराखंड परिवहन विभाग की वर्तमान सार्वजनिक जानकारी से स्पष्ट रूप से पुष्ट नहीं होता। इसलिए इसे अभी निश्चित नियम के रूप में लिखना उचित नहीं होगा।
कुल मिलाकर नए बदलावों के बाद वाहन चालकों के लिए सबसे जरूरी बात अपने ड्राइविंग लाइसेंस पर दर्ज वाहन श्रेणी को जांचना है। अगर आप गियर वाली बाइक के साथ स्कूटी भी चलाते हैं, तो यह सुनिश्चित करें कि आपका लाइसेंस उस श्रेणी के वाहन को चलाने के लिए वैध है। इसके साथ वाहन का बीमा, रजिस्ट्रेशन और दूसरे जरूरी दस्तावेज भी अपडेट रखें।
नियमों में बदलाव का सीधा संदेश यही है-अब केवल लाइसेंस होना काफी नहीं, यह भी जरूरी है कि लाइसेंस उसी श्रेणी के वाहन के लिए वैध हो जिसे आप चला रहे हैं।
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