देवप्रयाग, 28 सितंबर 2026। केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के श्री रघुनाथ कीर्ति परिसर, देवप्रयाग में एक सहायक आचार्य पर दो छात्राओं के साथ कथित छेड़छाड़ और आपत्तिजनक व्यवहार के आरोप लगे हैं। इनमें एक छात्रा नाबालिग बताई गई है। पुलिस ने शिक्षक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और POCSO Act की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
आरोपी शिक्षक की पहचान डॉ. सूर्यमणि भंडारी के रूप में हुई है। विश्वविद्यालय के आधिकारिक कर्मचारी पोर्टल पर उन्हें श्री रघुनाथ कीर्ति परिसर के व्याकरण शास्त्र विभाग में सहायक प्रोफेसर के रूप में दर्ज किया गया है।
मामला 22 अगस्त की घटना से जुड़ा बताया जा रहा है। परिसर निदेशक प्रो. पीवीबी सुब्रमण्यम के अनुसार 14 सितंबर को छात्राओं से बातचीत के दौरान शिकायत की जानकारी सामने आई। इसके बाद विश्वविद्यालय की ओर से 21 सितंबर को पुलिस को नामजद शिकायत दी गई।
नाबालिग छात्रा से जुड़ा मामला होने के कारण पुलिस ने प्राथमिकी में POCSO Act की धाराएं भी जोड़ी हैं। जांच अधिकारी एसएसआई अनीता नेगी के अनुसार उपलब्ध साक्ष्यों और छात्राओं के बयानों के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
मामला सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने आरोपी शिक्षक को जांच पूरी होने तक निलंबित कर दिया है। निष्पक्ष जांच प्रभावित न हो, इसके लिए उन्हें फिलहाल परिसर से अलग गेस्ट हाउस में रखा गया है।
विश्वविद्यालय स्तर पर भी मामले की जांच की जा रही है। फिलहाल आरोप सिद्ध नहीं हुए हैं और आगे की कार्रवाई पुलिस जांच तथा विश्वविद्यालय की जांच के आधार पर तय होगी।
यह भी पढ़ें: केदारनाथ पैदल मार्ग पर चीरबासा में हादसा: पांच साल के बच्चे की मौत, 1500 यात्रियों को सुरक्षित निकाला गया




