उत्तराखंड में रेल नेटवर्क लगातार विस्तार की ओर बढ़ रहा है। इसी कड़ी में अब रामनगर और देहरादून के बीच नई रेल सेवा को मंजूरी मिल गई है।
इस संबंध में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गढ़वाल सांसद और भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख अनिल बलूनी को पत्र भेजकर जानकारी दी है कि रामनगर-देहरादून के मध्य नई रेलगाड़ी के संचालन को स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।
दरअसल, सांसद अनिल बलूनी ने 5 जनवरी 2026 को रेल मंत्री को पत्र लिखकर रामनगर और देहरादून के बीच नई रेल सेवा शुरू करने का अनुरोध किया था।
अब रेलवे मंत्रालय की ओर से इस प्रस्ताव को स्वीकृति मिलने के बाद रामनगर और देहरादून के बीच नई रेल सेवा शुरू होने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्य में रेल केवल यात्रा का माध्यम नहीं मानी जाती, बल्कि यह पहाड़ और मैदान के बीच संपर्क का एक महत्वपूर्ण साधन भी है।
रामनगर और देहरादून के बीच रेल सेवा की मांग लंबे समय से उठती रही है, क्योंकि कुमाऊँ और देहरादून क्षेत्र के बीच बड़ी संख्या में लोग नियमित यात्रा करते हैं।
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नई रेल सेवा शुरू होने के बाद दोनों क्षेत्रों के बीच सफर पहले की तुलना में अधिक सुविधाजनक हो सकता है।
इससे रेल परियोजना से यात्रा आसान होने की संभावना है, आवागमन को बेहतर सुविधा मिल सकती है और क्षेत्रीय संपर्क को मजबूती मिल सकती है।
सांसद अनिल बलूनी ने रेल मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र सरकार लगातार उत्तराखंड की रेल सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक और संवेदनशील रुख अपनाती रही है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य में रेल नेटवर्क का लगातार विस्तार हो रहा है।
उन्होंने उन प्रमुख रेल सुविधाओं का भी उल्लेख किया, जो पिछले वर्षों में उत्तराखंड को मिली हैं।
इनमें निम्न रेल परियोजनाएँ शामिल हैं:
- काठगोदाम-देहरादून ‘नैनी दून एक्सप्रेस’
- कोटद्वार-नई दिल्ली रेल सेवा
- देहरादून-लखनऊ वंदे भारत एक्सप्रेस
अब इसी क्रम में रामनगर-देहरादून रेल सेवा भी जुड़ने जा रही है।
सांसद बलूनी के अनुसार, इस नई रेल सेवा से यात्रियों को राहत मिलेगी और क्षेत्र के सामाजिक तथा आर्थिक विकास को भी गति मिल सकती है।
उत्तराखंड में हर नई रेल सेवा केवल एक नई ट्रेन नहीं मानी जाती, बल्कि बेहतर कनेक्टिविटी और आसान पहुंच की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखी जाती है।
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