अगर आप इस गर्मी नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क के ट्रेकिंग रूट्स पर जाने की योजना बना रहे हैं, तो आपके लिए एक बड़ा बदलाव आने वाला है। अब तक जहां ट्रेकिंग की अनुमति लेने के लिए विभागीय कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते थे, वहीं अब यह प्रक्रिया ऑनलाइन होने जा रही है।
नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क प्रशासन एक ऐसा पोर्टल तैयार कर रहा है, जिसके जरिए ट्रैकर और पर्यटक घर बैठे ही पंजीकरण कर सकेंगे। विभाग के अनुसार, यह सुविधा 15 मई से शुरू होने की तैयारी में है।
नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क के अंतर्गत कई प्रमुख ट्रेकिंग रूट आते हैं, जिनमें हर साल बड़ी संख्या में ट्रैकर और पर्यटक पहुंचते हैं। इन रूट्स पर जाने के लिए पहले से अनुमति लेना अनिवार्य होता है।
अब तक यह प्रक्रिया पूरी तरह ऑफलाइन थी। लोगों को आवेदन के लिए संबंधित कार्यालय तक जाना पड़ता था, जिससे समय और प्रक्रिया दोनों ही जटिल हो जाती थी।
इसी को ध्यान में रखते हुए विभाग ने यह निर्णय लिया है कि अब सभी ट्रेकिंग रूट्स के लिए पंजीकरण ऑनलाइन किया जाएगा।
इस व्यवस्था का सीधा फायदा उन लोगों को मिलेगा, जो दूर-दराज़ से ट्रेकिंग के लिए आते हैं।
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इसके साथ ही टूर ऑपरेटरों के लिए भी यह प्रक्रिया आसान हो जाएगी, क्योंकि वे अपने समूह के लिए एक ही जगह से पंजीकरण कर पाएंगे।
यह पहल पूरी तरह नई नहीं है।
पिछले वर्ष फूलों की घाटी के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की व्यवस्था शुरू की गई थी, जिसे अब और आगे बढ़ाते हुए नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क के सभी ट्रेकिंग रूट्स तक विस्तार दिया जा रहा है।
पार्क के अंतर्गत आने वाले प्रमुख ट्रेकिंग रूट्स में शामिल हैं:
- क्वांरी पास ट्रेक
- द्रोणागिरी ट्रेक
- सतोपंथ ट्रेक
- कागभुसंडी ट्रेक
- फूलों की घाटी
- चेनाप घाटी ट्रेक
इन सभी रूट्स के लिए अब एक ही प्लेटफॉर्म पर पंजीकरण संभव होगा।
इस पूरी व्यवस्था को लेकर नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क के डीएफओ अभिमन्यु ने कहा:
“कोटपार्क प्रशासन की ओर से ऑनलाइन वेबसाइट तैयार की जा रही है। 15 मई से यह वेबसाइट शुरू हो जाएगी। जिससे ट्रैकिंग पर जाने वाले सभी ट्रैकर व पर्यटक ऑनलाइन पंजीकरण करवा सकेंगे। साथ ही ट्रैकिंग के दौरान कोई दिक्कत न हो इसके लिए आपदा प्रबंधन विभाग के साथ भी तैयारी की जा रही है। फूलों की घाटी जाने वाले मार्ग पर वैली गेट के पास एक व्यू प्वाइंट तैयार किया जा रहा है, इससे पर्यटकों को क्षेत्र का खूबसूरत नजारा देखने को मिलेगा। फूलों की घाटी वाले मार्ग को 15 मई से सुधारने का कार्य आरंभ किया जाएगा।”
यह बदलाव केवल प्रक्रिया को आसान बनाने तक सीमित नहीं है।
ऑनलाइन सिस्टम से ट्रैकिंग गतिविधियों की बेहतर मॉनिटरिंग, पर्यटकों की संख्या का रिकॉर्ड, और सुरक्षा प्रबंधन को भी मजबूत करने में मदद मिलेगी।
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