
उत्तराखंड में किन क्षेत्रों को ग्लेशियर झीलों से खतरा, 13 झीलें चिह्नित; सरकार बढ़ाएगी निगरानी और अर्ली वार्निंग
ऊंचाई वाले जलस्रोतों में बदलाव की स्थिति में नीचे की घाटियों तक असर पहुंच सकता है, इसलिए अब सिर्फ झीलों की पहचान पर्याप्त नहीं होगी। सरकार का अगला फोकस यह तय करने पर है कि संभावित घटना की स्थिति में किन इलाकों को पहले चेतावनी मिले, निकासी कैसे हो और स्थानीय स्तर पर प्रतिक्रिया कितनी जल्दी दी जा सके। चिह्नित झीलों में अब तक क्या सर्वे हुआ है और किन क्षेत्रों में अगला अध्ययन प्रस्तावित है, इसकी पूरी जानकारी आगे देखें।
