उत्तराखंड में प्रेशर हॉर्न बजाना अब पड़ेगा महंगा, पहली बार चेतावनी; दोबारा गलती पर ₹10 हजार तक जुर्माना

स्कूल, अस्पताल और साइलेंस जोन जैसे संवेदनशील इलाकों में नियम और सख्त हैं। किस स्थिति में कितना दंड लगेगा और किन हॉर्न पर कार्रवाई होगी, आगे जानिए।
Traffic enforcement officer inspecting a commercial vehicle during a pressure horn check in Uttarakhand

देहरादून, 2 सितंबर। उत्तराखंड में प्रेशर हॉर्न और तेज आवाज से जुड़े यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्ती बढ़ेगी। नए प्रावधानों के तहत पहली बार ऐसे मामले में वाहन चालक को चेतावनी दी जाएगी, जबकि दोबारा या उसके बाद उल्लंघन करने पर 10 हजार रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है।

मोटर वाहन कानून के तहत वाहनों में ऐसे प्रेशर या मल्टी-टोन हॉर्न लगाने की अनुमति नहीं है, जो सामान्य से ज्यादा तेज या तीखी आवाज पैदा करते हैं। इसका उद्देश्य सड़क पर अनावश्यक शोर और ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करना है।

नए प्रावधानों में पहली बार नियम तोड़ने पर सीधे जुर्माना लगाने के बजाय चेतावनी दर्ज करने की व्यवस्था की गई है। लेकिन इसके बाद भी वाहन चालक दोबारा नियम तोड़ता है तो उस पर 10 हजार रुपये तक की पेनल्टी लगाई जा सकती है।

प्रेशर हॉर्न के अलावा साइलेंस जोन या ऐसे क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से हॉर्न बजाने के लिए अलग प्रावधान है। ऐसे मामलों में पहली बार चेतावनी दी जा सकती है, जबकि दोबारा या उसके बाद उल्लंघन पर 1,000 से 2,000 रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है।

अस्पताल, स्कूल और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों के आसपास अनावश्यक हॉर्न बजाने से लोगों को परेशानी के साथ ध्वनि प्रदूषण बढ़ता है। इसी कारण ऐसे क्षेत्रों में हॉर्न के इस्तेमाल को लेकर अलग नियम लागू किए जाते हैं।

उत्तराखंड में प्रेशर हॉर्न पर पहले से प्रतिबंध है। पुलिस और परिवहन विभाग की जांच के दौरान वाहन में प्रतिबंधित हॉर्न मिलने या नियमों का उल्लंघन सामने आने पर मोटर वाहन कानून के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

नई व्यवस्था में बार-बार नियम तोड़ने वालों पर ज्यादा जुर्माना लगाने का प्रावधान रखा गया है। इससे परिवहन विभाग और यातायात पुलिस के पास लगातार प्रेशर हॉर्न का इस्तेमाल करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आधार होगा।

ऐसे में वाहन चालकों को अपने वाहनों में प्रेशर या मल्टी-टोन हॉर्न का इस्तेमाल करने से बचना होगा। पहली बार चेतावनी के बाद भी नियम तोड़ने पर 10 हजार रुपये तक का जुर्माना देना पड़ सकता है।

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