
जाड़ (Jadh) लोग: 1962 के बाद बदलती एक सीमावर्ती ज़िंदगी
जाड़ (Jadh) समुदाय की कहानी केवल एक सीमावर्ती समाज की नहीं, बल्कि बदलते भूगोल, सीमाओं और जीवन-शैली की भी कहानी है। 1962 के बाद कैसे बदला उनका जीवन, यह समझना उत्तराखंड के सीमांत इतिहास को समझने जैसा है।







