देहरादून, 24 सितंबर 2026। उत्तराखंड सरकार टिहरी झील और उसके आसपास के क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय स्तर के पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की योजना पर काम कर रही है। इसके लिए करीब 8 हजार हेक्टेयर क्षेत्र को शामिल करते हुए मास्टर प्लान और जोनल प्लान तैयार किया जाएगा। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने पर्यटन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक में इसकी विस्तृत योजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
योजना को ‘वन स्टेट, वन ग्लोबल डेस्टिनेशन’ की अवधारणा के तहत आगे बढ़ाया जाएगा। मास्टर प्लान में टिहरी झील के आसपास की सरकारी और निजी जमीन को शामिल किया जाएगा। अलग-अलग क्षेत्रों में किस तरह की पर्यटन गतिविधियां होंगी और कहां निर्माण किया जा सकेगा, इसके लिए अलग जोन तय किए जाएंगे। इसका उद्देश्य क्षेत्र में पर्यटन विकास को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाना है।
योजना तैयार करते समय स्थानीय लोगों और संबंधित विभागों से भी सुझाव लिए जाएंगे। क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति, पर्यावरण, स्थानीय जरूरतों और पर्यटन की संभावनाओं को ध्यान में रखा जाएगा। तकनीकी सहयोग के लिए स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर नई दिल्ली और भोपाल से मदद लेने की संभावना पर भी विचार किया जाएगा।
टिहरी झील के आसपास अलग-अलग प्रमुख पर्यटन क्षेत्र विकसित करने की योजना है। यहां पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए अलग-अलग गतिविधियां और सुविधाएं विकसित की जा सकती हैं। इन सभी क्षेत्रों को एक साथ विकसित करने के बजाय काम चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा।
मास्टर प्लान में सिर्फ वाटर स्पोर्ट्स पर फोकस नहीं रहेगा। ट्रैकिंग, नेचर टूरिज्म, एडवेंचर गतिविधियां, स्थानीय संस्कृति और गांवों से जुड़े पर्यटन को भी इसमें शामिल करने की तैयारी है। सरकार का उद्देश्य है कि पर्यटक टिहरी झील घूमकर कुछ घंटों में वापस न लौटें, बल्कि एक-दो दिन या इससे ज्यादा समय क्षेत्र में बिताएं।
अप्रैल, मई और जून में झील का जलस्तर कम रहने के दौरान भी पर्यटन गतिविधियां जारी रखने के लिए अलग योजना बनाई जाएगी। मौसम और जलस्तर के अनुसार सालभर होने वाली पर्यटन गतिविधियों का कैलेंडर भी तैयार किया जाएगा।
झील के आसपास नए ट्रेकिंग रूट और ट्रेल विकसित किए जाएंगे। आसपास के गांवों को भी पर्यटन से जोड़ने की योजना है। पर्यटकों को स्थानीय खान-पान, संस्कृति, परंपराओं और ग्रामीण जीवन से परिचित कराने के लिए गांवों और स्थानीय संस्कृति से जुड़ी गतिविधियां विकसित की जा सकती हैं।
मुख्य सचिव ने पूरी योजना पर एक विस्तृत प्रेजेंटेशन तैयार करने को कहा है, जिसे आगे प्रधानमंत्री के सामने प्रस्तुत किया जा सके। अगली बैठक में THDC के अधिकारियों को भी शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं।
हालांकि अभी मास्टर प्लान तैयार होना बाकी है। इसलिए टिहरी झील क्षेत्र में कौन-कौन सी परियोजनाएं बनेंगी, उनकी लागत कितनी होगी और निर्माण कब शुरू होगा, इसकी अंतिम जानकारी योजना और मंजूरी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगी।
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