ऋषिकेश, 30 जुलाई। उत्तराखंड की ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन परियोजना ने निर्माण के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण पड़ाव पूरा कर लिया है। परियोजना के तहत प्रस्तावित 104 किलोमीटर लंबी मुख्य सुरंगों में से 101 किलोमीटर का निर्माण पूरा हो चुका है।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में बताया कि 125 किलोमीटर लंबी इस रेल लाइन में कुल 16 मुख्य सुरंगें बनाई जा रही हैं। इनके साथ आपात स्थिति में सुरक्षित निकासी के लिए करीब 98 किलोमीटर लंबी 12 एस्केप टनल का निर्माण भी किया जा रहा है।
अब तक 95 किलोमीटर से अधिक एस्केप टनल का काम पूरा हो चुका है। इस तरह मुख्य और एस्केप सुरंगों का अधिकांश निर्माण पूरा कर लिया गया है।
परियोजना में सुरंग निर्माण की गति बढ़ाने के लिए आठ एडिट बनाए गए हैं। इनकी कुल लंबाई करीब पांच किलोमीटर है और सभी एडिट का निर्माण पूरा हो चुका है।
ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन पर 19 बड़े और महत्वपूर्ण पुल भी बनाए जाने हैं। इनमें से 11 पुलों का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि बाकी पुलों पर काम जारी है।
यह रेल लाइन देहरादून, टिहरी गढ़वाल, पौड़ी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग और चमोली जिलों से होकर गुजरेगी। परियोजना पूरी होने के बाद देवप्रयाग और कर्णप्रयाग जैसे प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों को ऋषिकेश तथा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से रेल संपर्क मिलेगा।
परियोजना का अधिकतर हिस्सा पहाड़ों के भीतर सुरंगों से होकर गुजरता है। दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण इसे उत्तराखंड की सबसे चुनौतीपूर्ण रेल परियोजनाओं में शामिल किया जाता है।
फिलहाल शेष मुख्य सुरंगों, एस्केप टनल और पुलों पर निर्माण कार्य जारी है। परियोजना पूरी होने के बाद ऋषिकेश से कर्णप्रयाग तक यात्रा का समय कम होने के साथ गढ़वाल क्षेत्र की रेल कनेक्टिविटी मजबूत होने की उम्मीद है।
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