उत्तराखंड में मोटर वाहन नियम बदलने की तैयारी, 20 पुराने प्रावधान हटेंगे; 14 संशोधित नियमों से बदलेगी कार्रवाई

सड़क पर किसी उल्लंघन के बाद कार्रवाई किस आधार पर होगी, यह व्यवस्था बदलने की प्रक्रिया में है। प्रस्तावित बदलावों का असर अलग-अलग तरह के मामलों में अलग हो सकता है और अंतिम तस्वीर आधिकारिक अधिसूचना के बाद ही सामने आएगी। इस प्रस्ताव में क्या बदला जा रहा है और फिलहाल कौन-सी व्यवस्था लागू है, आगे जानिए।
Traffic police officer checking vehicle documents during a roadside inspection in Uttarakhand.

देहरादून, 6 सितंबर। उत्तराखंड में मोटर वाहन कानून से जुड़े कई प्रावधानों में बदलाव की तैयारी है। परिवहन मुख्यालय ने मौजूदा व्यवस्था में बदलाव करते हुए 20 पुराने प्रावधान हटाने और 14 संशोधित प्रावधान लागू करने का प्रस्ताव शासन को भेजा है। हालांकि, ये बदलाव अभी प्रदेश में लागू नहीं हुए हैं।

राज्य सरकार की मंजूरी और अधिसूचना जारी होने के बाद ही नई व्यवस्था प्रभावी होगी। तब तक वाहन चालकों के खिलाफ यातायात नियमों के उल्लंघन पर मौजूदा प्रावधानों के तहत ही कार्रवाई की जाएगी।

रिपोर्ट के अनुसार, प्रस्तावित बदलावों में तेज रफ्तार से वाहन चलाने, ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़े उल्लंघन और सड़क दुर्घटना के बाद चालक की जिम्मेदारी जैसे मामलों से संबंधित प्रावधान शामिल हैं। इनमें कुछ मामलों में जुर्माने और कार्रवाई की व्यवस्था को संशोधित करने का प्रस्ताव है।

दुर्घटना के बाद चालक के मौके से चले जाने से जुड़े मामलों के लिए भी नए प्रावधान प्रस्तावित किए गए हैं। हालांकि, इन बदलावों का अंतिम स्वरूप शासन की मंजूरी और अधिसूचना जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

प्रस्ताव में एग्रीगेटर सेवाओं से जुड़े प्रावधान भी शामिल बताए गए हैं। एग्रीगेटर वे कंपनियां या प्लेटफॉर्म होते हैं, जो ऐप या डिजिटल माध्यम से यात्रियों को टैक्सी और दूसरी परिवहन सेवाओं से जोड़ते हैं। इनके संचालन और नियमों के उल्लंघन से जुड़ी कार्रवाई में भी बदलाव प्रस्तावित हैं।

परिवहन विभाग की मौजूदा व्यवस्था में मोटर वाहन अधिनियम की अलग-अलग धाराओं के तहत यातायात उल्लंघनों पर जुर्माना और अन्य कार्रवाई निर्धारित है। अब केंद्र की ओर से किए गए संशोधनों के अनुरूप राज्य स्तर पर संबंधित प्रावधानों को बदलने की तैयारी की जा रही है।

अपर परिवहन आयुक्त एसके सिंह के मुताबिक, संशोधित प्रावधानों को लागू करने का प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। शासन से मंजूरी मिलने के बाद इसकी अधिसूचना जारी की जाएगी और उसके बाद ही परिवहन विभाग नई व्यवस्था के अनुसार कार्रवाई कर सकेगा।

यानी वाहन चालकों के लिए फिलहाल नियमों में कोई तत्काल बदलाव नहीं हुआ है। शासन की अधिसूचना आने के बाद ही यह साफ होगा कि किन उल्लंघनों पर कितना जुर्माना लगेगा और नई व्यवस्था किस तारीख से लागू होगी।

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