ऋषिकेश की चंद्रभागा नदी पर बनेगा ₹32 करोड़ का आर्च ब्रिज, देहरादून और टिहरी के गंगा किनारे पैदल मार्ग सीधे जुड़ेंगे

चंद्रभागा नदी के कारण अलग पड़े ऋषिकेश और मुनिकीरेती के आस्था पथों के बीच सीधा पैदल संपर्क बनाने की तैयारी है। वित्तीय स्वीकृति मिलने के बाद प्रस्तावित पुल के निर्माण से स्थानीय लोगों, श्रद्धालुओं और पर्यटकों का अतिरिक्त चक्कर कम हो सकेगा।
View of the Chandrabhaga River in Rishikesh, Uttarakhand, showing a calm river channel, green riverbanks, scattered buildings and an overcast sky.

ऋषिकेश, 29 अक्टूबर 2026: ऋषिकेश में चंद्रभागा नदी के दोनों ओर बने गंगा किनारे के पैदल मार्गों को जोड़ने के लिए 150 मीटर लंबा पैदल पुल बनाया जाएगा। परियोजना की लागत करीब ₹32 करोड़ है। इसे वित्तीय मंजूरी मिल चुकी है और निर्माण कार्य जल्द शुरू करने की तैयारी है।

इस पुल की घोषणा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्ष 2022 में की थी। इससे पहले तत्कालीन शहरी विकास मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने दोनों आस्था पथों को जोड़ने के लिए पुल निर्माण की मांग उठाई थी। इसके बाद परियोजना की DPR और अन्य प्रक्रियाओं पर काम शुरू हुआ।

अब परियोजना को Uttarakhand Investment and Infrastructure Development Board (UIIDB) से वित्तीय मंजूरी मिल गई है। पुल निर्माण की जिम्मेदारी Uttarakhand Project Development and Construction Corporation Limited (UPDCCL) को दी गई है।

UPDCCL के प्रोजेक्ट मैनेजर संजीव कुमार के अनुसार प्रस्तावित पुल में 75-75 मीटर के दो स्पैन होंगे। पुल को आर्च या बो-स्ट्रिंग डिजाइन में तैयार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि निर्माण कार्य करीब एक महीने के भीतर शुरू किए जाने की तैयारी है।

परियोजना की कुल लागत करीब Rs 32 करोड़ बताई गई है। इसमें पुल के निर्माण के साथ अगले पांच साल तक रखरखाव की व्यवस्था भी शामिल है। निर्माण शुरू होने के बाद पुल को करीब डेढ़ साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

पुल बनने के बाद देहरादून जिले की ओर बने आस्था पथ और टिहरी जिले की ओर बने पूर्णानंद आस्था पथ के बीच सीधा पैदल संपर्क बन जाएगा। अभी दोनों मार्ग चंद्रभागा नदी के कारण अलग-अलग हैं और लोगों को एक ओर से दूसरी ओर जाने के लिए मुख्य सड़कों का सहारा लेना पड़ता है।

मौजूदा व्यवस्था में पैदल यात्रियों को दोनों हिस्सों के बीच आने-जाने के लिए करीब तीन किलोमीटर अतिरिक्त रास्ता तय करना पड़ता है। नया पुल बनने के बाद यह अतिरिक्त दूरी कम होगी और गंगा किनारे विकसित पैदल मार्ग लगातार जुड़ सकेगा।

परियोजना पूरी होने के बाद ऋषिकेश में गंगा किनारे करीब 10 किलोमीटर लंबा पैदल मार्ग आपस में जुड़ने की उम्मीद है। इससे स्थानीय लोगों, श्रद्धालुओं और गंगा किनारे घूमने वाले पर्यटकों को एक हिस्से से दूसरे हिस्से तक पहुंचने में आसानी होगी।

फिलहाल परियोजना निर्माण शुरू होने के चरण में पहुंच गई है। टेंडर और अन्य प्रक्रियाएं आगे बढ़ चुकी हैं और अब साइट पर काम शुरू होने की तैयारी की जा रही है।

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