देहरादून। उत्तराखंड में आने वाले दिनों में बस, ऑटो, विक्रम, टैक्सी और मालवाहक वाहनों का किराया व मालभाड़ा बढ़ सकता है। परिवहन मुख्यालय ने किराया निर्धारण समिति से मौजूदा परिस्थितियों के आधार पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने को कहा है। इस रिपोर्ट को राज्य परिवहन प्राधिकरण की बैठक में रखा जाएगा, जिसके बाद किराया और मालभाड़ा बढ़ाने पर निर्णय लिया जाएगा।
परिवहन विभाग से जुड़ी जानकारी के अनुसार, परिवहन कारोबार से जुड़े संगठन लंबे समय से किराया और मालभाड़ा बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि ईंधन, वाहन पार्ट्स, बीमा, टैक्स, फिटनेस, परमिट और रखरखाव जैसे खर्च लगातार बढ़े हैं। ऐसे में व्यावसायिक वाहनों के संचालन पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है।
किराया निर्धारण समिति नई रिपोर्ट में वाहनों के संचालन खर्च, ईंधन की कीमत, मरम्मत लागत और अन्य खर्चों का आकलन कर सकती है। इसके बाद समिति अपनी रिपोर्ट परिवहन मुख्यालय को सौंपेगी। रिपोर्ट के आधार पर राज्य परिवहन प्राधिकरण की बैठक में प्रस्ताव पर चर्चा होगी।
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राज्य परिवहन प्राधिकरण प्रदेश में अलग-अलग श्रेणी के यात्री वाहनों और मालवाहक वाहनों की अधिकतम किराया दरें तय करता है। इसमें रोडवेज बस, निजी बस, सिटी बस, टैक्सी, मैक्सी, ऑटो, विक्रम, ई-रिक्शा और ट्रक जैसे वाहन शामिल होते हैं। इसलिए किराया बढ़ोतरी पर अंतिम फैसला प्राधिकरण के स्तर पर ही होगा।
अगर किराया और मालभाड़ा बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो इसका असर आम यात्रियों पर पड़ सकता है। बस, ऑटो और विक्रम से रोजाना सफर करने वाले लोगों को ज्यादा किराया देना पड़ सकता है। वहीं, मालभाड़ा बढ़ने से सामान की ढुलाई महंगी हो सकती है, जिसका असर बाजार में वस्तुओं की कीमतों पर भी दिख सकता है।
फिलहाल किराया बढ़ोतरी पर कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है। परिवहन विभाग ने अभी समिति से नई रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट आने और राज्य परिवहन प्राधिकरण की बैठक में चर्चा के बाद ही साफ होगा कि प्रदेश में यात्री किराया और मालभाड़ा बढ़ेगा या नहीं।
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