चमोली के नारायणबगड़ में भारी बारिश से नाला उफान पर, बाजार में घुसा मलबा; कई वाहन दबे

अचानक आए मलबे से बाजार क्षेत्र में नुकसान हुआ है और प्रशासन प्रभावित इलाके का आकलन कर रहा है। पहाड़ी बाजारों में तेज बारिश के दौरान ऐसे हालात क्यों बनते हैं और फिलहाल क्षेत्र में क्या स्थिति है, पूरी जानकारी खबर में पढ़ें।
Mud and debris spread across Narayanbagad market in Chamoli district after heavy rainfall, with vehicles and earthmoving machinery visible during cleanup operations.

चमोली। उत्तराखंड के चमोली जिले के नारायणबगड़ क्षेत्र में भारी बारिश के बाद नुकसान हुआ है। गुरुवार देर रात हुई तेज बारिश के चलते नारायणबगड़ बाजार से होकर बहने वाला नाला अचानक उफान पर आ गया। इसके बाद पानी के साथ मलबा, पत्थर और बोल्डर बाजार क्षेत्र में फैल गए।

स्थानीय जानकारी के अनुसार, मलबा आने से नारायणबगड़ बाजार में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। सड़क किनारे खड़े कई वाहन मलबे में दब गए। सड़क किनारे खड़े कई वाहन मलबे में दब गए, जबकि कुछ घरों और दुकानों तक भी मलबा पहुंचा। अचानक पानी और मलबा आते देख स्थानीय लोग सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए।

बारिश के बाद नाले का पानी तेजी से बाजार की ओर फैल गया। इससे दुकानों, रास्तों और सड़क किनारे खड़े वाहनों को नुकसान पहुंचा। कई जगह मलबा जमा होने से लोगों की आवाजाही भी प्रभावित रही।

मलबा आने के कारण कर्णप्रयाग-ग्वालदम हाईवे पर भी यातायात कुछ समय के लिए बाधित रहा। सड़क पर पत्थर और मलबा फैलने से वाहनों की आवाजाही रुक गई। बाद में संबंधित विभागों की टीमों ने मलबा हटाकर मार्ग पर आवाजाही बहाल कराई।

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राहत की बात यह रही कि घटना में किसी व्यक्ति की मौत या घायल होने की सूचना नहीं है। प्रशासन और संबंधित विभागों की टीमें प्रभावित क्षेत्र में स्थिति का जायजा ले रही हैं। नुकसान का आकलन किया जा रहा है और बाजार क्षेत्र से मलबा हटाने का काम किया गया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि तेज बारिश के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों से पानी और मलबा अचानक नीचे आ जाता है। बाजार क्षेत्र में पानी की निकासी सही न होने पर नुकसान की आशंका बढ़ जाती है। बारिश के दौरान नालों और गदेरों के उफान पर आने से आसपास रहने वाले लोगों में डर का माहौल बन जाता है।

मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून ने उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में बारिश, गर्जन, आकाशीय बिजली और झोंकेदार हवाओं की संभावना जताई है। ऐसे में पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को मौसम की जानकारी लेकर ही आगे बढ़ने और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

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