देहरादून, 3 अगस्त। उत्तराखंड में मतदाता सूची के SIR के दौरान जिन मतदाताओं के दस्तावेजों या पात्रता का सत्यापन पूरा नहीं हुआ है, उन्हें 10 अगस्त को मूल दस्तावेजों के साथ उपस्थित होकर दावा प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया है।
यह मौका केवल उन संबंधित मतदाताओं के लिए है, जिनके मामलों में दस्तावेजों की जांच या पात्रता का सत्यापन अभी लंबित है। इसे सभी मतदाताओं के लिए सामान्य दस्तावेज जमा करने की अंतिम तारीख नहीं माना जाएगा।
संबंधित मतदाताओं को निर्धारित स्थान पर अपने मूल दस्तावेज लेकर पहुंचना होगा। दस्तावेजों की जांच के बाद उनके दावे पर निर्वाचन विभाग की ओर से आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उत्तराखंड में मतदाता सूची को अपडेट करने के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया चल रही है। इसका उद्देश्य पात्र मतदाताओं के नाम सूची में शामिल करना और गलत या अपूर्ण विवरण को ठीक करना है।
राज्य की प्रारूप मतदाता सूची 14 जुलाई को जारी की गई थी। इसके बाद मतदाताओं को सूची में अपना नाम और अन्य विवरण जांचने का अवसर दिया गया है।
जिन मतदाताओं का नाम सूची में नहीं है या जिनकी जानकारी में गलती है, वे संबंधित बूथ लेवल अधिकारी या निर्वाचन कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। दावा प्रस्तुत करने के लिए निर्धारित प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी भी वहीं से ली जा सकती है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की वेबसाइट पर विशेष गहन पुनरीक्षण से जुड़ी प्रारूप मतदाता सूची और अनुपस्थित, स्थानांतरित तथा मृत मतदाताओं की सूची उपलब्ध कराई गई है।
निर्वाचन विभाग ने संबंधित मतदाताओं से 10 अगस्त को मूल दस्तावेजों के साथ उपस्थित होने की अपील की है, ताकि लंबित मामलों का सत्यापन पूरा किया जा सके।
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