विश्व प्रसिद्ध पर्वतारोही NIMS DAI का ब्रॉड पीक पर हिमस्खलन में निधन, पर्वतारोहण जगत में शोक

NIMS DAI की मौत ब्रॉड पीक पर हुए हिमस्खलन में हुई, जहाँ खराब मौसम और अत्यधिक ऊँचाई के कारण बचाव अभियान भी बेहद चुनौतीपूर्ण रहा। उनकी असाधारण उपलब्धियों और साहसिक अभियानों ने उन्हें वैश्विक पर्वतारोहण समुदाय की प्रेरणादायक पहचान बनाया।
A memorial graphic featuring mountaineer NIMS DAI alongside the names and portraits of climbers who lost their lives following the Broad Peak avalanche in Pakistan.

दुनिया के सबसे प्रसिद्ध पर्वतारोहियों में शामिल नेपाल मूल के निर्मल ‘NIMS DAI’ पुर्जा का पाकिस्तान के कराकोरम पर्वत श्रृंखला स्थित ब्रॉड पीक (8,051 मीटर) पर एक भीषण हिमस्खलन की चपेट में आने से निधन हो गया। इस हादसे ने पूरे पर्वतारोहण जगत को स्तब्ध कर दिया है। उनकी अभियान कंपनी ने उनके निधन की पुष्टि की है।

जानकारी के अनुसार, निम्स दाई अपनी टीम के साथ ब्रॉड पीक के ऊपरी हिस्से में चढ़ाई कर रहे थे। इसी दौरान अचानक ऊँचाई वाले क्षेत्र में भारी बर्फ खिसकने से बड़ा हिमस्खलन हुआ। तेज़ गति से आई बर्फ और चट्टानों की चपेट में पूरा दल आ गया। खराब मौसम, अत्यधिक ऊँचाई और लगातार गिरती बर्फ के कारण बचाव अभियान तुरंत शुरू नहीं हो सका। कई घंटों तक चले खोज एवं बचाव अभियान के बाद भी निम्स दाई को जीवित नहीं बचाया जा सका। हादसे में अन्य पर्वतारोहियों की भी जान गई।

1983 में जन्मे निम्स दाई ने वर्ष 2019 में दुनिया की 14 सबसे ऊँची (8,000 मीटर से अधिक) चोटियों को महज़ 6 महीने और 6 दिन में फतह कर विश्व रिकॉर्ड बनाया था। यह उपलब्धि पर्वतारोहण के इतिहास की सबसे असाधारण उपलब्धियों में गिनी जाती है।

पर्वतारोहण से पहले उन्होंने ब्रिटिश सेना की ब्रिगेड ऑफ गुरखाज़ में सेवा दी और बाद में यूनाइटेड किंगडम की प्रतिष्ठित स्पेशल बोट सर्विस (SBS) में चयनित होने वाले पहले गुरखा बने। अनुशासन, साहस और असंभव को संभव बनाने की उनकी क्षमता ने उन्हें दुनिया के सबसे सम्मानित पर्वतारोहियों में शामिल कर दिया।

A tribute graphic featuring renowned mountaineer NIMS DAI celebrating his achievements, including climbing all 14 eight-thousand-metre peaks in six months and six days.

उनकी प्रेरणादायक यात्रा पर बनी नेटफ्लिक्स डॉक्यूमेंट्री ’14 Peaks: Nothing Is Impossible’ ने उन्हें विश्वभर में नई पहचान दिलाई। वे केवल रिकॉर्ड बनाने वाले पर्वतारोही नहीं थे, बल्कि कई अभियानों के दौरान अन्य पर्वतारोहियों की जान बचाने के लिए भी जाने जाते थे।

निम्स दाई का निधन पर्वतारोहण जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। हिमालय की ऊँचाइयों पर अपने साहस की अमिट छाप छोड़ने वाले इस महान पर्वतारोही को दुनिया हमेशा उनके अदम्य हौसले, नेतृत्व और असंभव को चुनौती देने की भावना के लिए याद रखेगी।

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