देहरादून, 7 अगस्त। देहरादून शहर में भारी और ट्रांजिट वाहनों का दबाव कम करने वाली आशारोड़ी-झाझरा ग्रीनफील्ड फोरलेन बाईपास परियोजना पर काम तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। करीब 12 किलोमीटर लंबा यह मार्ग पांवटा साहिब-बल्लूपुर मार्ग को दिल्ली-देहरादून आर्थिक कॉरिडोर से जोड़ेगा और इसके अप्रैल 2027 तक पूरा होने की संभावना है।
करीब 716 करोड़ रुपये की लागत से बन रही यह परियोजना झाझरा से शुरू होकर राष्ट्रीय राजमार्ग-7 के नए पांवटा साहिब-बल्लूपुर खंड से जुड़ेगी। आगे यह आशारोड़ी चेक पोस्ट के पास दिल्ली-देहरादून आर्थिक कॉरिडोर से मिलेगी। इसके तैयार होने के बाद देहरादून शहर से होकर गुजरने वाले भारी और ट्रांजिट वाहनों के लिए एक वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होगा।
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने गुरुवार को निर्माणाधीन परियोजना का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों से निर्माण की प्रगति, शेष काम और आगामी कार्ययोजना की जानकारी ली।
डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना में अनावश्यक देरी न हो और निर्माण की गति बढ़ाने के लिए पर्याप्त मशीनरी, श्रमिक और दूसरे जरूरी संसाधन उपलब्ध रखे जाएं। साथ ही सभी काम तय तकनीकी मानकों के अनुसार कराने और गुणवत्ता से किसी तरह का समझौता न करने को कहा गया।
प्रशासन के अनुसार इस बाईपास के तैयार होने से देहरादून शहर के भीतर भारी और ट्रांजिट वाहनों का दबाव कम किया जा सकेगा। इससे शहर की मुख्य सड़कों पर वाहनों की संख्या घटने और यातायात व्यवस्था को राहत मिलने की उम्मीद है।
पांवटा साहिब-बल्लूपुर खंड और दिल्ली-देहरादून आर्थिक कॉरिडोर के बीच सीधा संपर्क तैयार होना भी इस परियोजना की प्रमुख खासियत है। इससे बाहर से आने वाले उन वाहनों को शहर के भीतर प्रवेश करने की जरूरत कम होगी, जिनका गंतव्य देहरादून शहर नहीं है।
निर्माण के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी जिलाधिकारी ने विशेष निर्देश दिए। कार्यस्थलों पर पर्याप्त बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेतक और यातायात प्रबंधन की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है, ताकि निर्माण के कारण आम लोगों और वाहन चालकों को कम से कम परेशानी हो।
डीएम ने परियोजना की नियमित समीक्षा के निर्देश भी दिए हैं। भूमि अधिग्रहण, तकनीकी या प्रशासनिक स्तर पर कोई अड़चन आती है तो संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर उसका समय पर समाधान करने को कहा गया है।
निरीक्षण के दौरान NHAI अधिकारियों ने निर्माण की वर्तमान स्थिति और आगे होने वाले कार्यों की जानकारी दी। इस मौके पर नगर मजिस्ट्रेट राकेश तिवारी, तहसीलदार सदर सुरेंद्र देव और NHAI के अधिकारी भी मौजूद रहे।
फिलहाल परियोजना पर निर्माण जारी है। तय योजना के अनुसार काम आगे बढ़ता रहा तो अप्रैल 2027 तक आशारोड़ी-झाझरा फोरलेन बाईपास तैयार हो सकता है। इसके शुरू होने के बाद देहरादून की यातायात व्यवस्था में एक बड़ा वैकल्पिक मार्ग जुड़ जाएगा।
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