27 साल बाद भद्रा रहित रक्षाबंधन का दावा, पांच शुभ योग भी बनेंगे; जानें राखी बांधने का सही समय

भाई-बहन के इस पर्व पर इस बार समय को लेकर सबसे अहम सवाल यह है कि सुबह राखी बांधने वालों के लिए कौन-सा समय उपयुक्त रहेगा और अलग-अलग स्थानों पर इसमें कितना अंतर हो सकता है। साथ ही, बताए गए शुभ योग और ग्रहण से जुड़ी स्थिति धार्मिक मान्यताओं में क्या मायने रखती है? पूरी जानकारी में पंचांग, स्थानीय समय और इस साल के विशेष संयोग को समझें।
Sister tying a traditional Rakhi on her brother's wrist during Raksha Bandhan

देहरादून, 27 अगस्त। इस बार रक्षाबंधन पर भद्रा को लेकर लोगों को ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार 28 अगस्त को रक्षाबंधन भद्रा रहित रहेगा और करीब 27 साल बाद ऐसा संयोग बन रहा है। इसी दिन पांच शुभ योग बनने का भी दावा किया गया है।

पंचांग के अनुसार पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त की सुबह शुरू होकर 28 अगस्त को सुबह 9:48 बजे तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा। इस दिन भद्रा सूर्योदय से पहले ही समाप्त हो जाएगी, इसलिए सुबह राखी बांधने में भद्रा की बाधा नहीं रहेगी।

रुड़की के लिए पंचांग में राखी बांधने का मुख्य समय सुबह करीब 5:53 बजे से 9:48 बजे तक बताया गया है। इस दौरान पूर्णिमा तिथि भी रहेगी। अलग-अलग स्थानों में सूर्योदय के समय में कुछ मिनट का अंतर हो सकता है, इसलिए स्थानीय पंचांग देखने की भी सलाह दी गई है।

अमर उजाला की रिपोर्ट में ज्योतिषाचार्यों के हवाले से बताया गया है कि इस बार सुकर्मा योग, बुधादित्य योग, उभयचरी योग, सर्वार्थ सिद्धि योग और त्रिपुष्कर योग का संयोग बन रहा है। धार्मिक मान्यताओं में इन योगों को शुभ माना जाता है।

ज्योतिषाचार्यों का दावा है कि करीब 27 साल बाद रक्षाबंधन भद्रा रहित रहने का ऐसा संयोग बन रहा है। हालांकि 27 साल वाले इस अंतर की स्वतंत्र पंचांग या ऐतिहासिक स्रोत से पुष्टि नहीं हो सकी है, इसलिए इसे ज्योतिषीय दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

28 अगस्त को आंशिक चंद्र ग्रहण भी लगेगा। वैज्ञानिक स्रोतों के अनुसार यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि भारत में ग्रहण दृश्यमान नहीं होने के कारण यहां सूतक या धार्मिक प्रभाव मान्य नहीं होगा।

रक्षाबंधन के साथ श्रावणी उपाकर्म की परंपरा भी जुड़ी है। इस दिन ऋषि तर्पण, यज्ञोपवीत बदलने और रक्षा सूत्र धारण करने जैसे धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं। इसके लिए भी पूर्णिमा तिथि के दौरान सुबह का समय विशेष माना जाता है।

ऐसे में इस बार रक्षाबंधन पर सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि 28 अगस्त की सुबह भद्रा नहीं रहेगी। जो लोग शुभ मुहूर्त के अनुसार राखी बांधना चाहते हैं, उनके लिए सुबह 5:53 बजे से 9:48 बजे तक का समय मुख्य माना गया है।

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