उत्तराखंड में स्वाइन फ्लू का खतरा बढ़ा, 22 दिन में 31 मरीज मिले; स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों को किया अलर्ट

प्रदेश में सामने आए मामलों के बाद अस्पतालों को संदिग्ध मरीजों की पहचान, जांच और उपचार व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखने को कहा गया है। बदलते मौसम के बीच विभाग संक्रमण की स्थिति पर नजर बनाए हुए है, जबकि मरीजों और अस्पतालों के लिए जारी सावधानियों में किन बातों पर खास ध्यान देना है...
Healthcare workers monitoring a patient during respiratory illness screening at a hospital in Uttarakhand

देहरादून, 24 अगस्त। उत्तराखंड में स्वाइन फ्लू (H1N1) के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। अगस्त महीने के शुरुआती 22 दिनों में प्रदेश में स्वाइन फ्लू के 31 मामले सामने आए हैं। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों को मरीजों की निगरानी और जरूरी तैयारियां बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।

स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी एडवाइजरी में अस्पतालों को स्वाइन फ्लू जैसे लक्षण वाले मरीजों पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है। साथ ही संक्रमण की पहचान, जांच और उपचार से जुड़ी व्यवस्थाओं को सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं।

विभाग ने अस्पतालों को किसी भी संदिग्ध मरीज की जानकारी पर नजर रखने और संक्रमण नियंत्रण से जुड़े नियमों का पालन सुनिश्चित करने को कहा है। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, बदलते मौसम में वायरल संक्रमण के मामलों को लेकर लगातार निगरानी की जा रही है।

स्वाइन फ्लू इन्फ्लूएंजा ए (H1N1) वायरस से होने वाला संक्रमण है। इसके सामान्य लक्षणों में बुखार, खांसी, गले में खराश, शरीर में दर्द और कमजोरी शामिल हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, लक्षण दिखाई देने पर समय पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। लोगों को साफ-सफाई का ध्यान रखने, संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से बचने और बीमारी के लक्षण दिखने पर डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह दी गई है।

स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों को मरीजों की स्थिति के अनुसार उपचार व्यवस्था बनाए रखने और संक्रमण के मामलों की नियमित जानकारी उपलब्ध कराने को भी कहा है। विभाग की ओर से प्रदेश में स्वाइन फ्लू की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि जरूरत पड़ने पर समय रहते अतिरिक्त कदम उठाए जा सकें।

विभाग का कहना है कि प्रदेश में स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और अस्पतालों को किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।

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