मोबाइल में अभी चालू करें ये खास सेटिंग, साइबर ठगी से बचाने में करेगी मदद; जानिए एक्टिव करने का तरीका

संदिग्ध APK फाइलों और फर्जी वेबसाइटों के जरिए बैंकिंग जानकारी, पासवर्ड और OTP जैसी संवेदनशील सूचनाओं तक पहुंच बनाने की कोशिश की जा सकती है। Device Protection और Google Play Protect जैसी सुविधाएं ऐसे डिजिटल जोखिमों से बचाव में मदद कर सकती हैं, लेकिन इनका इस्तेमाल करते समय यूजर को यह भी समझना जरूरी है कि सेटिंग कहां मिलेगी और किन परिस्थितियों में अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।
Indian smartphone user checking Android security settings to protect against cyber fraud

देहरादून, 29 अगस्त। मोबाइल फोन में बैंकिंग ऐप, निजी तस्वीरें, दस्तावेज और दूसरी महत्वपूर्ण जानकारी मौजूद रहती है। ऐसे में किसी संदिग्ध लिंक या अनजान ऐप को इंस्टॉल करना डेटा और बैंक खाते दोनों के लिए खतरा बन सकता है। साइबर सेल ने Android फोन इस्तेमाल करने वाले लोगों को सुरक्षा सेटिंग सक्रिय रखने और अनजान APK फाइलों से बचने की सलाह दी है।

Android 16 में उपलब्ध Advanced Protection फीचर फोन की कई सुरक्षा सुविधाओं को एक साथ मजबूत करता है। इसके भीतर Device Protection को सक्रिय करने पर संदिग्ध ऐप, फर्जी वेबसाइट और दूसरे साइबर खतरों से बचाव के लिए अतिरिक्त सुरक्षा मिलती है।

इस सेटिंग को सक्रिय करने के लिए फोन की Settings में जाकर Google विकल्प खोलना होगा। इसके बाद All Services में Personal and device safety पर जाकर Advanced Protection चुनना होगा। यहां Device Protection को ऑन किया जा सकता है। कुछ फोन में यह विकल्प Settings के Security & Privacy सेक्शन में भी दिखाई दे सकता है।

साइबर सेल ने खास तौर पर WhatsApp, SMS या दूसरे मैसेजिंग प्लेटफॉर्म से आने वाली संदिग्ध APK फाइलों को लेकर सावधानी बरतने को कहा है। साइबर ठग बैंकिंग, बिजली बिल, नौकरी, सरकारी सेवा या दूसरे जरूरी दस्तावेज के नाम पर ऐसी फाइल भेज सकते हैं। इन्हें इंस्टॉल करने पर फोन में हानिकारक सॉफ्टवेयर पहुंच सकता है और निजी जानकारी चोरी होने का खतरा बढ़ सकता है।

Advanced Protection सक्रिय होने पर फोन Play Store के बाहर से आने वाले कुछ अनजान ऐप की इंस्टॉलेशन रोकने में मदद कर सकता है। इसके साथ Google Play Protect ऐप्स को स्कैन करता है और हानिकारक गतिविधि मिलने पर यूजर को चेतावनी दे सकता है।

संदिग्ध लिंक भी साइबर ठगी का बड़ा जरिया बन सकते हैं। ऐसे लिंक यूजर को असली जैसी दिखने वाली फर्जी वेबसाइट पर ले जा सकते हैं, जहां बैंकिंग डिटेल, पासवर्ड, OTP या दूसरी निजी जानकारी मांगी जा सकती है। Android की सुरक्षा सुविधाएं ऐसी वेबसाइटों के खिलाफ चेतावनी देने में मदद कर सकती हैं, लेकिन यूजर की सतर्कता भी जरूरी है।

पिथौरागढ़ साइबर सेल प्रभारी नीरज भाकुनी ने लोगों से OTP, पासवर्ड, बैंकिंग PIN और दूसरी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करने की अपील की है। इसके साथ ऐप केवल विश्वसनीय स्रोतों से डाउनलोड करने और फोन का सॉफ्टवेयर अपडेट रखने की सलाह दी गई है।

अगर किसी व्यक्ति के साथ ऑनलाइन वित्तीय ठगी होती है तो उसे जल्द से जल्द साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करनी चाहिए। ऑनलाइन शिकायत राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर भी दर्ज की जा सकती है।

यह सुरक्षा सुविधा सभी Android फोन में उपलब्ध नहीं होगी। Advanced Protection का यह सिस्टम Android 16 में दिया गया है, इसलिए पुराने Android वर्जन इस्तेमाल करने वाले यूजर्स को अपने फोन में उपलब्ध सुरक्षा अपडेट और Google Play Protect को सक्रिय रखना चाहिए। साथ ही फोन में आने वाले सिस्टम और सिक्योरिटी अपडेट को समय पर इंस्टॉल करना भी साइबर खतरों से बचाव के लिए जरूरी है।

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