देहरादून, 3 सितंबर। देहरादून में स्वाइन फ्लू के मामलों में तेजी आई है। बुधवार को 49 नए मरीज मिलने के बाद जिले में अब तक दर्ज H1N1 मामलों की संख्या 181 पहुंच गई है। इनमें 122 मरीज देहरादून के हैं, जबकि 59 मरीज दूसरे जिलों और राज्यों से इलाज के लिए यहां पहुंचे हैं।
बुधवार को सामने आए 49 नए मामलों में 35 मरीज देहरादून के और 14 अन्य जिलों या राज्यों के हैं। बढ़ते संक्रमण के बीच अस्पतालों में भर्ती मरीजों की संख्या भी बढ़ी है। वर्तमान में 61 H1N1 मरीज अलग-अलग अस्पतालों में उपचाराधीन बताए गए हैं।
इनमें सबसे अधिक 42 मरीज श्री महंत इंदिरेश अस्पताल में भर्ती हैं। एम्स ऋषिकेश में सात, हिमालयन अस्पताल में पांच और दून मेडिकल कॉलेज में तीन मरीजों का इलाज चल रहा है। अन्य मरीज अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हैं।
स्वाइन फ्लू संक्रमित मरीजों की मौत के मामलों का डेथ ऑडिट भी किया गया है। अब तक छह H1N1 पॉजिटिव मरीजों की मौत की समीक्षा में दो मौतों का कारण स्वाइन फ्लू माना गया है। स्वास्थ्य विभाग अस्पतालों से गंभीर और संदिग्ध मामलों की जानकारी लगातार जुटा रहा है।
मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में फ्लू के मरीजों के लिए अलग ओपीडी शुरू की गई है। यहां फ्लू जैसे लक्षण वाले मरीजों का अलग पंजीकरण, चिकित्सकीय परामर्श और जरूरत के अनुसार जांच की व्यवस्था की गई है।
स्वाइन फ्लू के साथ डेंगू के मामले भी सामने आ रहे हैं। 1 सितंबर तक देहरादून के अस्पतालों में डेंगू के 114 मरीज दर्ज किए गए थे। इनमें 55 मरीज देहरादून जिले के थे, जबकि 59 मरीज दूसरे जिलों से इलाज के लिए पहुंचे थे।
कोविड के मामले भी पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं। 30 अगस्त तक देहरादून जिले में कुल 23 कोविड मरीज दर्ज किए गए थे, जिनमें 11 स्थानीय और 12 बाहरी मरीज थे। उस समय चार मरीज सक्रिय बताए गए थे। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग स्वाइन फ्लू के साथ डेंगू और कोविड की स्थिति पर भी नजर बनाए हुए है।
H1N1 संक्रमण में बुखार, खांसी, गले में खराश, शरीर में दर्द और कमजोरी जैसे लक्षण हो सकते हैं। स्वास्थ्य विभाग ने ऐसे लक्षण दिखाई देने पर उन्हें नजरअंदाज नहीं करने और जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की है। अस्पतालों को भी संदिग्ध मरीजों की समय पर पहचान, जांच और उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
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