देहरादून, 7 सितंबर: उत्तराखंड में आज कई जिलों में मौसम संवेदनशील रह सकता है और कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। नैनीताल, बागेश्वर, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, चम्पावत, ऊधम सिंह नगर, पौड़ी और चमोली में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना है। इसके साथ ही राज्य के सभी जिलों में गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने और कुछ स्थानों पर कम समय में तेज से बहुत तेज बारिश होने की चेतावनी दी गई है। मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून की ओर से सोमवार सुबह 9:30 बजे जारी जिला स्तरीय पूर्वानुमान में यह जानकारी दी गई है।
मौसम विभाग के अनुसार आज प्रदेश के सभी जिलों में अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। 8 सितंबर को देहरादून, बागेश्वर, पिथौरागढ़, नैनीताल, अल्मोड़ा, ऊधम सिंह नगर और चम्पावत में अनेक स्थानों पर बारिश का अनुमान है, जबकि बाकी जिलों में कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। 9 सितंबर को देहरादून, बागेश्वर, पिथौरागढ़, नैनीताल, अल्मोड़ा और चम्पावत में भी अनेक स्थानों पर बारिश की संभावना बनी रहेगी।
10 सितंबर को देहरादून, टिहरी, नैनीताल, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में कहीं-कहीं भारी बारिश की चेतावनी है। सात दिन के पूर्वानुमान के अनुसार 10 से 13 सितंबर तक भी राज्य के सभी जिलों में अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। पिछले 24 घंटों में मैदानी और पर्वतीय क्षेत्रों में अधिकतम तापमान भी कई स्थानों पर सामान्य से नीचे रहा। IMD की ताजा राज्य स्तरीय चेतावनी भी 7 सितंबर को भारी बारिश और आकाशीय बिजली की संभावना की पुष्टि करती है।
भारी और तेज बारिश के दौरान संवेदनशील क्षेत्रों में हल्के से मध्यम भूस्खलन और चट्टान गिरने, पहाड़ी सड़कों और राजमार्गों के बाधित होने, छोटी नदियों और नालों के उफान तथा निचले इलाकों में जलभराव की आशंका है। चारधाम यात्रा के लिहाज से आज चमोली में भारी बारिश की चेतावनी बद्रीनाथ मार्ग के लिए महत्वपूर्ण है, जबकि रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी समेत दूसरे पर्वतीय जिलों में भी आकाशीय बिजली और तेज बारिश का खतरा बना हुआ है। हालांकि IMD के इस बुलेटिन में चारधाम यात्रा रोकने या किसी धाम के लिए अलग प्रतिबंध जारी नहीं किया गया है।
मौसम विभाग ने यात्रियों को सावधानी से यात्रा करने, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से न रुकने और नदी-नालों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी है। आकाशीय बिजली के दौरान खुले स्थानों या पेड़ों के नीचे न रुकें और सुरक्षित पक्के भवन में शरण लें। 6 सितंबर दोपहर 12:45 बजे जारी Flash Flood Guidance में उत्तराखंड के लिए तत्काल चिंता का कोई क्षेत्र चिन्हित नहीं किया गया था।
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