ऋषिकेश, 24 सितंबर 2026। मानसून के बाद ऋषिकेश में गंगा पर रिवर राफ्टिंग का नियमित संचालन शुरू हो गया है। एक दिन पहले 23 सितंबर को शिवपुरी में नए राफ्टिंग सीजन 2026-27 का औपचारिक शुभारंभ किया गया था।
राफ्टिंग को अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद ने टूरिस्ट गाइड पोर्टल तैयार किया है। अब तक 300 से अधिक प्रशिक्षित राफ्टिंग गाइड इस पोर्टल पर पंजीकरण करा चुके हैं। पंजीकृत गाइडों को डिजिटल पहचान और प्रमाणन की सुविधा भी मिलेगी।
पर्यटन विभाग की योजना चरणबद्ध तरीके से करीब 700 राफ्टिंग गाइडों को प्रशिक्षण देने की है। इसमें प्राथमिक उपचार, CPR और आपात स्थिति में रेस्क्यू से जुड़ी ट्रेनिंग भी शामिल की जा रही है।
नए सीजन की शुरुआत के साथ पंजीकृत राफ्टिंग फर्मों को 45 दिनों के लिए अस्थायी लाइसेंस भी जारी किए गए हैं। निर्धारित प्रक्रिया और शुल्क पूरा करने के बाद उन्हें स्थायी लाइसेंस दिया जा सकेगा।
नई लाइसेंस व्यवस्था के तहत गंगा के अलावा काली, टौंस, गोरी, कोसी, अलकनंदा, पिंडर, सरयू, रामगंगा, भागीरथी और धौलीगंगा जैसी नदियों में भी तय नियमों और सुरक्षा मानकों के अनुसार राफ्टिंग गतिविधियां संचालित की जा सकेंगी।
ऋषिकेश क्षेत्र में देवप्रयाग से मुनिकीरेती तक कुल 576 राफ्टों के संचालन की अनुमति है। करीब 263 कंपनियां इस कारोबार से जुड़ी हैं और लगभग 560 राफ्ट संचालन में हैं।
पिछले राफ्टिंग सीजन में सितंबर 2025 से जून 2026 के बीच 3,80,260 पर्यटकों ने गंगा में राफ्टिंग की थी। इस बार भी राफ्टिंग कारोबारियों को उम्मीद है कि मानसून के बाद सीजन शुरू होने से ऋषिकेश और आसपास के क्षेत्रों में एडवेंचर टूरिज्म से जुड़ी गतिविधियां बढ़ेंगी।
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