उत्तराखंड में SIR के बाद नई वोटर लिस्ट जारी, जानें कितने नाम जुड़े और कितने हटे

अंतिम सूची जारी होने के साथ अब SIR के दौरान हुए बदलावों की तस्वीर सामने आ गई है, लेकिन प्रक्रिया यहीं खत्म नहीं होती। जिन पात्र लोगों के नाम अंतिम सूची में नहीं हैं, उनके लिए दोबारा नाम दर्ज कराने की व्यवस्था जारी रहेगी और निर्वाचन तंत्र ऐसे छूटे मतदाताओं की पहचान के लिए भी अभियान चलाएगा।
Election official verifying voter records under the SIR campaign in Uttarakhand

देहरादून, 3 अक्टूबर 2026। उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी गई है। नई सूची में प्रदेश के 71,58,949 मतदाता दर्ज हैं। ड्राफ्ट सूची जारी होने के बाद 1,29,872 नए नाम जोड़े गए, जबकि 1,04,708 नाम हटाए गए।

इससे पहले 14 जुलाई को जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची में 71,33,785 मतदाता थे। नए नाम जुड़ने और दावे-आपत्तियों के निस्तारण के बाद अंतिम सूची में ड्राफ्ट के मुकाबले 25,164 मतदाता बढ़े हैं।

SIR शुरू होने से पहले प्रदेश की मतदाता सूची में 79,60,762 मतदाता दर्ज थे। घर-घर सत्यापन के बाद जारी ड्राफ्ट सूची में यह संख्या घटकर 71,33,785 रह गई थी। यानी करीब 8.27 लाख नाम ड्राफ्ट सूची में शामिल नहीं हुए थे। इसके बाद पात्र मतदाताओं को दावे और आपत्तियां दर्ज कराने का मौका दिया गया।

यहां यह समझना जरूरी है कि ड्राफ्ट के बाद हटाए गए 1,04,708 नाम पूरे SIR के दौरान बाहर हुए मतदाताओं की कुल संख्या नहीं है।यह आंकड़ा ड्राफ्ट सूची से अंतिम सूची तैयार होने के बीच हटाए गए नामों का है।

उत्तराखंड में SIR की प्रक्रिया 8 जून से शुरू हुई थी और 1 जुलाई 2026 को अर्हता तिथि रखा गया था। घर-घर सत्यापन का काम 7 जुलाई तक चला और 14 जुलाई को ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी की गई थी।

अंतिम मतदाता सूची पहले 15 सितंबर को जारी होनी थी, लेकिन दावे और आपत्तियों के निस्तारण के लिए अतिरिक्त समय दिए जाने के बाद प्रकाशन की तारीख बढ़ाकर 3 अक्टूबर कर दी गई थी।

अंतिम सूची जारी होने के बाद भी मतदाता सूची में नाम जुड़वाने की प्रक्रिया बंद नहीं होगी। जिन पात्र नागरिकों का नाम सूची में नहीं है, वे Form-6 के जरिए नए मतदाता के रूप में आवेदन कर सकते हैं। Election Commission के Voters’ Service Portal पर भी नए मतदाता के पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध है।

निर्वाचन आयोग ने ऐसे पात्र लोगों की पहचान कर उनका नाम दोबारा मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए आगे भी अभियान जारी रखने को कहा है, जिनका नाम पहले की सूची में था लेकिन SIR के बाद की अंतिम सूची में नहीं है।

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