उत्तराखंड में नशा तस्करी पर बड़ा फैसला, रुद्रपुर में पहला एंटी नारकोटिक्स थाना; जांच और कार्रवाई के लिए बनेगी अलग व्यवस्था

उत्तराखंड में नशा तस्करी की जांच के लिए अलग पुलिस ढांचा तैयार करने की योजना है। इससे जिलों के बीच तालमेल और विशेष जांच की व्यवस्था बदल सकती है, लेकिन प्रस्ताव पर विभागीय मंजूरी अभी बाकी है।
A police officer holding a proposal file outside a conceptual anti-narcotics police station in Rudrapur, Uttarakhand, with a prominent Hindi station sign.

देहरादून, 22 अक्टूबर। उत्तराखंड में नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई को मजबूत करने के लिए अलग नारकोटिक्स निदेशालय बनाने और रुद्रपुर में प्रदेश का पहला एंटी नारकोटिक्स थाना खोलने की तैयारी है। पुलिस मुख्यालय ने इसका प्रस्ताव शासन को भेजा है और गृह विभाग ने आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

प्रस्ताव के अनुसार पहला नारकोटिक्स थाना रुद्रपुर, ऊधम सिंह नगर में खोला जाएगा। यहां नशीले पदार्थों की तस्करी और NDPS Act से जुड़े मामलों की जांच पर खास तौर पर काम किया जाएगा। थाने की जिम्मेदारी इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी को देने की योजना है।

इसके साथ ही प्रदेश में अलग नारकोटिक्स निदेशालय बनाने का प्रस्ताव भी है। इसकी कमान SSP या DIG स्तर के अधिकारी को दी जा सकती है। निदेशालय नशा तस्करी से जुड़े मामलों की निगरानी और अलग-अलग जिलों के बीच तालमेल का काम करेगा।

अभी एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स यानी ANTF, स्पेशल टास्क फोर्स (STF) के तहत काम करती है। प्रस्ताव में ANTF को STF से अलग कर नए नारकोटिक्स निदेशालय के तहत लाने की योजना है।

नए निदेशालय के लिए एक से दो ASP, दो CO और दो से तीन इंस्पेक्टर समेत करीब 25 से 30 पद बनाने का प्रस्ताव है। निदेशालय और इससे जुड़े थानों को मिलाकर कुल करीब 70 नए पद बनाए जा सकते हैं।

हालांकि पदों की संख्या अभी तय नहीं हुई है। इसके लिए कार्मिक और वित्त विभाग की मंजूरी भी जरूरी होगी। मंजूरी मिलने के बाद ही निदेशालय और नए थाने के ढांचे को अंतिम रूप दिया जाएगा।

पहले चरण में रुद्रपुर में एंटी नारकोटिक्स थाना खोलने की योजना है। इसके कामकाज और जरूरत को देखते हुए आगे दूसरे जिलों में भी ऐसे थाने खोलने पर विचार किया जा सकता है।

फिलहाल उत्तराखंड में नशा तस्करी के खिलाफ ANTF और स्थानीय पुलिस मिलकर कार्रवाई करती हैं। अलग निदेशालय और विशेष थाना बनने के बाद नशीले पदार्थों की सप्लाई, तस्करी नेटवर्क और NDPS से जुड़े मामलों की जांच के लिए अलग व्यवस्था तैयार हो सकेगी।

अभी यह पूरी व्यवस्था प्रस्ताव के स्तर पर है। शासन और संबंधित विभागों की मंजूरी मिलने के बाद ही रुद्रपुर में प्रदेश के पहले एंटी नारकोटिक्स थाने और अलग नारकोटिक्स निदेशालय की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

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