जनगणना-2027: देहरादून में दूसरे फेज का काम तेज, हर नागरिक से पूछे जाएंगे 40 सवाल

देहरादून में जनसंख्या गणना के लिए कर्मचारियों का प्रशिक्षण शुरू हो गया है। निर्धारित प्रश्नावली में लोगों की शिक्षा, जाति, भाषा, रोजगार और प्रवासन से जुड़ी जानकारी शामिल होगी। डिजिटल स्वगणना से नागरिकों को घर बैठे विवरण भरने का विकल्प भी मिलेगा।
Documentary-style view of census field trainers attending a training session in Dehradun for जनगणना-2027, with an instructor and digital training materials.

देहरादून, 15 अक्टूबर। जनगणना-2027 के दूसरे चरण की तैयारी देहरादून में शुरू हो गई है। इस चरण में घर-घर जाकर लोगों से उनकी व्यक्तिगत जानकारी, पढ़ाई, रोजगार, भाषा, जाति और दूसरी जरूरी जानकारियां ली जाएंगी। इसके लिए लोगों से कुल 40 सवाल पूछे जाएंगे।

बुधवार को सर्वे चौक स्थित आईआरडीटी सभागार में अधिकारियों और कर्मचारियों को ट्रेनिंग दी गई। ये लोग आगे जनगणना में काम करने वाली टीमों को ट्रेनिंग देंगे। इसके बाद टीमें अपने-अपने क्षेत्रों में घर-घर जाकर लोगों से जानकारी जुटाएंगी।

दूसरे चरण में व्यक्ति का नाम, परिवार के मुखिया से उसका संबंध, लिंग, जन्मतिथि, उम्र, शादी से जुड़ी जानकारी, राष्ट्रीयता और धर्म के बारे में पूछा जाएगा।

इसके अलावा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और जाति से जुड़ी जानकारी भी दर्ज की जाएगी। लोगों से उनकी मातृभाषा, दूसरी भाषाओं, पढ़ाई, डिजिटल जानकारी और रोजगार से जुड़े सवाल भी पूछे जाएंगे।

जनगणना में यह भी पूछा जाएगा कि व्यक्ति का जन्म कहां हुआ, वह पहले कहां रहता था और अगर वह किसी दूसरी जगह से आकर यहां रह रहा है तो उसके आने का कारण क्या है।

जनगणना-2027 के इस चरण को Population Enumeration यानी जनसंख्या गणना कहा जाता है। इसमें हर व्यक्ति से जुड़ी सामाजिक, आर्थिक और व्यक्तिगत जानकारी दर्ज की जाएगी। केंद्र सरकार ने 14 अगस्त 2026 को दूसरे चरण के लिए 40 सवालों की सूची जारी की थी।

देहरादून के जिला जनगणना अधिकारी केके मिश्रा ने ट्रेनिंग के दौरान कहा कि लोगों से मिलने वाली जानकारी सही तरीके से दर्ज की जाए। जनगणना से मिलने वाले आंकड़ों का इस्तेमाल आगे सरकारी योजनाएं और नीतियां बनाने में किया जाता है।

इस बार जनगणना डिजिटल तरीके से भी की जा रही है। लोगों को ऑनलाइन खुद अपनी जानकारी भरने की सुविधा दी गई है। इसके बाद जनगणना की टीम घर-घर जाकर जानकारी की पुष्टि करेगी।

जनगणना के दौरान लोगों से ली गई व्यक्तिगत जानकारी गोपनीय रखी जाएगी। किसी व्यक्ति की निजी जानकारी सार्वजनिक नहीं की जाएगी, बल्कि केवल कुल आंकड़े जारी किए जाएंगे।

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