चारधाम यात्रा ने पार किया 50 लाख श्रद्धालुओं का आंकड़ा, जानें गंगोत्री में कितनी रही संख्या

यात्रा सीजन अभी बाकी है और मौजूदा आंकड़े पूरे सीजन का अंतिम आंकड़ा नहीं हैं। पिछले साल की समान अवधि से बढ़ी संख्या के साथ प्रशासन अब यात्रा के अगले चरण में सुरक्षा और आपदा प्रबंधन पर भी नजर रख रहा है। गंगोत्री के आंकड़े और चारों धाम की स्थिति को आंकड़ों के साथ आगे समझें।
Four Char Dham Temples of Uttarakhand

देहरादून, 14 सितंबर। उत्तराखंड की चारधाम यात्रा में इस साल श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। 12 सितंबर तक बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में कुल यात्रियों की संख्या 50 लाख के पार पहुंच चुकी है।

गंगोत्री धाम में इस साल अब तक 7.84 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। यात्रा सीजन अभी जारी है, इसलिए आने वाले दिनों में यह संख्या और बढ़ सकती है।

अधिकारियों के अनुसार, 12 सितंबर तक चारधाम यात्रा के 147 दिनों में 50 लाख से ज्यादा श्रद्धालु चारों धाम पहुंचे हैं। यह संख्या पिछले साल की समान अवधि की तुलना में करीब पांच लाख अधिक बताई गई है।

बदरीनाथ धाम में भी यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यात्रा के 143 दिनों में यहां 17 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। अधिकारियों के मुताबिक, यह संख्या पिछले साल की समान अवधि की तुलना में करीब 3.45 लाख अधिक है।

हालांकि गंगोत्री के मौजूदा 7.84 लाख के आंकड़े को अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड नहीं कहा जा सकता। पिछले वर्षों में पूरे यात्रा सीजन के दौरान इससे अधिक श्रद्धालु भी गंगोत्री पहुंच चुके हैं। मौजूदा आंकड़ा अभी जारी यात्रा सीजन का है।

राज्य सरकार के अनुसार, चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर यात्रा व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की जा रही है।

रुद्रप्रयाग, चमोली और उत्तरकाशी जिलों में आपदा प्रबंधन विभाग को 24 घंटे अलर्ट पर रखा गया है। मौसम खराब होने या किसी अन्य आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा है कि यात्रा का पहला चरण सफल रहा है और दूसरे चरण में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। इसी को देखते हुए यात्रा मार्गों पर सुरक्षा और व्यवस्थाओं को मजबूत रखने पर जोर दिया जा रहा है।

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