देहरादून, 14 सितंबर। गणेश चतुर्थी के साथ सोमवार से देहरादून में गणेश उत्सव शुरू हो गया है। शहर के घरों और विभिन्न पंडालों में गणपति बप्पा की प्रतिमाएं स्थापित की जा रही हैं। कई जगह शोभायात्रा के साथ प्रतिमाओं को पंडालों तक लाया गया है, जबकि आने वाले दिनों में भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होंगे।
गणपति स्थापना और पूजा के लिए मध्याह्न का समय शुभ माना गया है। सोमवार को सुबह 11:02 बजे से दोपहर 1:31 बजे तक गणपति स्थापना और पूजा की जा सकती है। पूजा के दौरान भगवान गणेश को दूर्वा, लाल फूल, फल और मोदक अर्पित किए जाते हैं।
अलग-अलग पंचांग और स्थान के अनुसार पूजा के समय में कुछ मिनट का अंतर हो सकता है। गणेश चतुर्थी 14 सितंबर को मनाई जा रही है और इसी दिन से गणेशोत्सव की शुरुआत हुई है। मुख्य गणपति विसर्जन 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी के दिन होगा।
देहरादून के पटेलनगर, प्रेमनगर, मन्नूगंज, धामावाला और क्लेमेनटाउन समेत कई इलाकों में गणेश उत्सव के लिए पंडाल सजाए गए हैं। रविवार को आयोजक समितियों ने तैयारियों को अंतिम रूप दिया और सोमवार से पूजा-अर्चना के साथ गणपति प्रतिमाओं की स्थापना शुरू हुई।
शहर के विभिन्न पंडालों में 24 सितंबर तक भजन संध्या और दूसरे धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके बाद 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी पर नगर परिक्रमा के बाद प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाएगा। हालांकि कई श्रद्धालु और आयोजन समितियां अपनी परंपरा के अनुसार तीसरे, पांचवें या सातवें दिन भी गणपति विसर्जन करती हैं।
गणेश चतुर्थी को लेकर शहर के बाजारों में भी खरीदारी बढ़ी है। कुम्हार मंडी में छोटी प्रतिमाओं से लेकर करीब तीन फीट तक की गणपति प्रतिमाएं खरीदी गईं। पटेलनगर, निरंजनपुर, जीएमएस रोड और चकराता रोड समेत कई इलाकों में भी प्रतिमाओं की दुकानें सजी हैं।
देहरादून में पटेलनगर की गणेश उत्सव समिति, मन्नूगंज की गणपति युवा सेवा समिति, धामावाला बाजार का गणेश उत्सव मंडल और प्रेमनगर स्थित सनातन धर्म मंदिर समेत कई स्थानों पर बड़े आयोजन हो रहे हैं। खुड़बुड़ा, राजपुर, धर्मपुर और क्लेमेनटाउन में भी गणेश उत्सव के लिए पंडाल सजाए गए हैं।
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