सीएम धामी के कार्यक्रम में ताइक्वांडो खिलाड़ी के ₹1.5 लाख वाले बयान पर विवाद

इस मामले में विवाद सिर्फ ₹1.5 लाख की रकम को लेकर नहीं है, बल्कि इस बात को लेकर भी है कि छात्रा के बयान को किस संदर्भ में समझा गया और बाद में उसने क्या स्पष्ट किया। अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता का खर्च, समय पर रकम की व्यवस्था न हो पाना और राजनीतिक आरोपों के बीच पूरा घटनाक्रम क्या बताता है? पूरी जानकारी पढ़ें।
Young Indian taekwondo player shown in uniform and speaking at a public programme in Dehradun.

देहरादून, 13 अगस्त। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सामने एक छात्रा की भावुक अपील ने कुछ ही घंटों में राजनीतिक विवाद का रूप ले लिया। मामला ₹1.5 लाख की उस रकम से जुड़ा था, जिसे छात्रा अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए नहीं जुटा सकी। बाद में कांग्रेस ने इसे रिश्वत से जोड़कर सरकार पर सवाल उठाए, जबकि छात्रा ने अलग वीडियो जारी कर रकम का संदर्भ स्पष्ट किया।

मामला 10 अगस्त को देहरादून में आयोजित ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ कार्यक्रम का है। CNI Girls School की कक्षा 12 की 17 वर्षीय छात्रा शायरा ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से बातचीत के दौरान छात्रा ने बताया कि वह राष्ट्रीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीत चुकी है और इसके बाद उसका चयन अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए हुआ था।

शायरा ने बताया कि वह राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए जम्मू गई थी, जहां से उसका चयन रोमानिया में होने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए हुआ। उसके मुताबिक प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए खर्च का एक हिस्सा संबंधित संगठन को उठाना था, जबकि बाकी रकम की व्यवस्था उसे स्वयं करनी थी।

मुख्यमंत्री के सामने अपनी बात रखते हुए छात्रा भावुक हो गई। उसने कहा कि वह ₹1.5 लाख की व्यवस्था नहीं कर सकी और इसी कारण अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेने नहीं जा पाई। इसके बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उसे सांत्वना दी और अधिकारियों को उसके स्कूल तथा पूरे मामले की जानकारी जुटाने के निर्देश दिए।

छात्रा के इस बयान के बाद कांग्रेस ने मामले को लेकर सरकार पर निशाना साधा और ₹1.5 लाख की रकम को रिश्वत से जोड़ते हुए सवाल उठाए। हालांकि कार्यक्रम में शायरा ने इस रकम को स्पष्ट रूप से रिश्वत नहीं बताया था और न ही किसी अधिकारी या व्यक्ति का नाम लेकर पैसे मांगने का आरोप लगाया था।

विवाद बढ़ने के बाद शायरा ने एक दूसरा वीडियो जारी कर स्थिति साफ की। उसने बताया कि संबंधित संगठन करीब ₹1.70 लाख का खर्च उठाने के लिए तैयार था, जबकि शेष ₹1.5 लाख उसे स्वयं जुटाने थे। छात्रा के मुताबिक वह यह रकम समय पर नहीं जुटा सकी और इसलिए रोमानिया नहीं जा पाई।

शायरा ने यह भी कहा कि उसने इस अवसर के बारे में अपने स्कूल या अन्य लोगों को समय रहते जानकारी नहीं दी थी। बाद के बयान में उसने ₹1.5 लाख को प्रतियोगिता में हिस्सा लेने से जुड़े अपने हिस्से के खर्च के रूप में स्पष्ट किया, न कि किसी अधिकारी को दिए जाने वाले पैसे के रूप में।

यही स्पष्टीकरण पूरे विवाद का सबसे अहम हिस्सा है। छात्रा की ओर से सीधे तौर पर रिश्वत मांगने का आरोप नहीं लगाया गया था, जबकि राजनीतिक विवाद में रकम को रिश्वत से जोड़कर पेश किया गया। ऐसे में छात्रा के बाद के बयान से साफ होता है कि ₹1.5 लाख अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के खर्च की व्यवस्था से जुड़ी रकम थी।

कांग्रेस ने कार्यक्रम की लाइव स्ट्रीम बाद में सरकार, मुख्यमंत्री और भाजपा से जुड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटाए जाने का भी आरोप लगाया। हालांकि यह कांग्रेस का दावा है और उपलब्ध स्रोत से इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं होती।

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