देहरादून, 10 जुलाई। उत्तराखंड के राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद यानी SCERT के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित शिक्षक प्रशिक्षण मॉडल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने का दावा किया गया है। राज्य के शिक्षा विभाग के अनुसार, इस परियोजना को जिनेवा में आयोजित AI for Good Global Summit 2026 के दौरान शिक्षक प्रशिक्षण से जुड़ी शीर्ष छह परियोजनाओं में शामिल किया गया है।
इस परियोजना का नाम Building Future-Ready Teachers Through AI बताया गया है। इसके तहत उत्तराखंड के सरकारी विद्यालयों के शिक्षकों को कक्षा शिक्षण में AI उपकरणों के सुरक्षित, जिम्मेदार और व्यावहारिक उपयोग का प्रशिक्षण दिया गया।
शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के अनुसार, प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए 49 हजार से अधिक शिक्षकों ने पंजीकरण कराया था। इनमें से 47 हजार से अधिक शिक्षकों ने प्रशिक्षण पूरा कर प्रमाणपत्र हासिल किया है। उन्होंने दावा किया कि इस अभियान से प्रदेश के करीब 97 प्रतिशत विद्यालय जुड़े हैं।
प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को AI की मदद से पाठ योजना और शिक्षण सामग्री तैयार करने, विद्यार्थियों की जरूरतों के अनुसार सामग्री में बदलाव करने और कक्षा में डिजिटल संसाधनों का बेहतर उपयोग करने की जानकारी दी गई। इसके साथ ही डेटा गोपनीयता, साइबर सुरक्षा, गलत सूचनाओं की पहचान और AI के जिम्मेदार उपयोग जैसे विषयों को भी प्रशिक्षण में शामिल किया गया।
राज्य सरकार के अनुसार, परियोजना को UNESCO AI for Education Award 2026 की शिक्षक प्रशिक्षण श्रेणी की शीर्ष छह परियोजनाओं में चुना गया है। हालांकि, यूनेस्को और AI for Good की सार्वजनिक वेबसाइटों पर इस चयन की विस्तृत स्वतंत्र सूची अभी उपलब्ध नहीं है। इसलिए शीर्ष छह में चयन संबंधी दावा फिलहाल राज्य सरकार और शिक्षा विभाग की ओर से जारी जानकारी पर आधारित है।
AI for Good Global Summit 2026 का आयोजन 7 से 10 जुलाई तक स्विट्जरलैंड के जिनेवा स्थित पैलेक्सपो में किया गया। सम्मेलन का नेतृत्व इंटरनेशनल टेलीकम्युनिकेशन यूनियन यानी ITU ने किया। इसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता का शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण, सार्वजनिक सेवाओं और अन्य क्षेत्रों में उपयोग करने वाली परियोजनाओं और तकनीकों पर चर्चा की गई।
शिक्षा विभाग ने यह भी दावा किया है कि उत्तराखंड की इस पहल को सितंबर 2026 से एक वैश्विक शिक्षक सशक्तीकरण कार्यक्रम से जोड़ा जा सकता है। हालांकि, इससे संबंधित विस्तृत आधिकारिक घोषणा अभी सामने नहीं आई है।
प्रदेश सरकार का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुति और पहचान मिलने के बाद AI आधारित शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम को आगे भी जारी रखा जाएगा। इसके लिए प्रशिक्षण सामग्री को अपडेट करने और शिक्षकों को नई तकनीकों से परिचित कराने की योजना बनाई जा रही है।
यह भी पढ़ें: बदरीनाथ धाम दान गड़बड़ी मामले में BKTC का पक्ष, वित्त नियंत्रक बोले- एक व्यक्ति की चूक को पूरी समिति से जोड़ना अनुचित
यह भी पढ़ें: उत्तरकाशी में बारिश से गंगोत्री-यमुनोत्री हाईवे प्रभावित, प्रशासन हाई अलर्ट पर




