AIIMS ऋषिकेश में उत्तराखंड के मरीजों के लिए विशेष काउंटर शुरू, पंजीकरण-बिलिंग और IPD सेवाएं एक जगह मिलेंगी

एम्स ऋषिकेश के भूतल स्थित पंजीकरण क्षेत्र में 8 जुलाई से नई सुविधा शुरू हुई है। इसका लाभ किन मरीजों को मिलेगा, कौन-सी सेवाएं उपलब्ध होंगी और दूसरे राज्यों के मरीजों के लिए क्या व्यवस्था रहेगी, जानिए।
The main building of AIIMS Rishikesh, where a special integrated OPD help counter has been introduced for patients from Uttarakhand.

ऋषिकेश। एम्स ऋषिकेश में उत्तराखंड के मरीजों के लिए विशेष ओपीडी सहायता काउंटर शुरू किया गया है। यहां ओपीडी पंजीकरण, बिलिंग, डिस्चार्ज और आईपीडी से जुड़ी सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी, जिससे दूरस्थ और पर्वतीय क्षेत्रों से आने वाले मरीजों की भागदौड़ कम हो सकती है।

बुधवार को एम्स ऋषिकेश में आयोजित कार्यक्रम में एम्स निदेशक प्रो. मीनू सिंह और स्थानीय विधायक व पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. प्रेमचंद अग्रवाल ने संयुक्त रूप से इस नवीन एकीकृत ओपीडी काउंटर का लोकार्पण किया। कार्यक्रम में बताया गया कि उत्तराखंड के मरीजों को अस्पताल की प्रशासनिक प्रक्रियाओं में आने वाली दिक्कतों को देखते हुए यह सुविधा शुरू की गई है।

नई व्यवस्था के तहत उत्तराखंड के मरीजों को ओपीडी पंजीकरण, बिलिंग, डिस्चार्ज और आईपीडी से संबंधित सेवाएं एक ही काउंटर पर उपलब्ध होंगी। इससे मरीजों को अस्पताल के अलग-अलग हिस्सों में बने काउंटरों पर बार-बार कतार में लगने की परेशानी कम हो सकती है।

इस सुविधा का सबसे अधिक लाभ पर्वतीय और दूरस्थ जिलों से एम्स ऋषिकेश पहुंचने वाले मरीजों और उनके परिजनों को मिलने की उम्मीद है। लंबा सफर तय कर अस्पताल आने के बाद पंजीकरण, भुगतान, भर्ती और डिस्चार्ज जैसी प्रक्रियाओं को समझना कई लोगों के लिए मुश्किल हो जाता है। ऐसे में एकीकृत काउंटर उनके लिए मददगार साबित हो सकता है।

स्थानीय विधायक डॉ. प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि क्षेत्रीय जनता को स्वास्थ्य सेवाओं में आ रही कठिनाइयों को देखते हुए वे इस सुविधा को शुरू कराने के लिए प्रयास कर रहे थे। उन्होंने कहा कि एम्स प्रशासन के साथ संवाद के बाद यह व्यवस्था शुरू हो सकी है।

हालांकि, इस विशेष काउंटर का मतलब यह नहीं है कि उत्तराखंड के मरीजों को डॉक्टर से परामर्श, जांच, ऑपरेशन या इलाज के क्रम में अलग प्राथमिकता दी जाएगी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार यह व्यवस्था मुख्य रूप से पंजीकरण, बिलिंग, डिस्चार्ज और आईपीडी जैसी प्रशासनिक सेवाओं को सुविधाजनक बनाने से जुड़ी है।

दूसरे राज्यों से आने वाले मरीज पहले की तरह एम्स ऋषिकेश में इलाज करा सकेंगे। उपलब्ध रिपोर्टों में पंजाब, उत्तर प्रदेश या अन्य राज्यों के मरीजों की सामान्य पंजीकरण या उपचार व्यवस्था में किसी बदलाव की घोषणा नहीं की गई है।

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि विशेष काउंटर की सुविधा लेने के लिए उत्तराखंड निवासी होने का कौन-सा प्रमाण दिखाना होगा। मरीज और तीमारदार अस्पताल पहुंचने के बाद काउंटर के संचालन समय, पात्रता और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी एम्स प्रशासन से प्राप्त कर सकते हैं।

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