देहरादून, 12 अक्टूबर। पेंशनरों के लिए हर साल जीवन प्रमाण पत्र जमा करने की प्रक्रिया अब डिजिटल माध्यम से आसान हो गई है। 80 वर्ष और उससे अधिक उम्र के पेंशनर 1 अक्टूबर से ही अपना वार्षिक जीवन प्रमाण पत्र जमा कर सकते हैं। वहीं डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र की सुविधा के जरिए पेंशनर घर बैठे भी यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र यानी ‘जीवन प्रमाण’ आधार आधारित सुविधा है। इसके जरिए पेंशनर स्मार्टफोन की मदद से फेस ऑथेंटिकेशन के माध्यम से अपना प्रमाण पत्र तैयार और जमा कर सकते हैं। इसके लिए Jeevan Pramaan से जुड़ी मोबाइल एप्लीकेशन का इस्तेमाल किया जाता है।
80 वर्ष और उससे अधिक उम्र के पेंशनरों के लिए जीवन प्रमाण पत्र जमा करने की प्रक्रिया 1 अक्टूबर से शुरू हो जाती है। अन्य पेंशनरों के लिए सामान्य तौर पर नवंबर में वार्षिक जीवन प्रमाण पत्र जमा किया जाता है।
जिन पेंशनरों को मोबाइल या ऑनलाइन माध्यम से प्रक्रिया पूरी करने में परेशानी होती है, उनके लिए India Post Payments Bank के माध्यम से घर पर डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र बनवाने की सुविधा भी उपलब्ध है। इसके लिए पोस्टमैन या ग्रामीण डाक सेवक की मदद ली जा सकती है।
India Post Payments Bank की इस doorstep service के जरिए Digital Life Certificate बनवाने पर 70 रुपये का शुल्क लिया जाता है। यह सुविधा IPPB और non-IPPB दोनों तरह के ग्राहकों के लिए उपलब्ध है।
जीवन प्रमाण पत्र हर साल इसलिए जमा करना होता है ताकि पेंशन देने वाली संस्था यह सत्यापित कर सके कि पेंशनर जीवित है और उसकी पेंशन जारी रखी जा सके। समय पर प्रमाण पत्र जमा नहीं होने पर पेंशन भुगतान रुक सकता है।
प्रमाण पत्र बाद में जमा और अपडेट होने पर पेंशन का भुगतान दोबारा शुरू किया जा सकता है और पात्र बकाया राशि भी जारी की जा सकती है।
डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र की सुविधा खासकर उन बुजुर्ग पेंशनरों के लिए उपयोगी है जिन्हें बैंक या संबंधित कार्यालय तक जाने में परेशानी होती है। इससे उन्हें घर बैठे ही वार्षिक प्रमाण पत्र जमा करने का विकल्प मिलता है।
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