देहरादून, 9 अक्टूबर। देहरादून में जाम कम करने के लिए प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर का दायरा बढ़ाने की तैयारी है। पहले इसे आशारोड़ी से मोहकमपुर तक बनाने की योजना थी, लेकिन अब इसे मियांवाला तक ले जाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। नए प्रस्ताव के अनुसार कॉरिडोर की कुल लंबाई करीब 13 किलोमीटर होगी।
NHAI के प्रोजेक्ट डायरेक्टर सौरभ सिंह के अनुसार, आशारोड़ी से ISBT और वहां से मियांवाला तक एलिवेटेड रोड का प्रस्ताव तैयार कर केंद्र सरकार को मंजूरी के लिए भेजा गया है। फिलहाल परियोजना को केंद्र से मंजूरी मिलने का इंतजार है।
पहले एलिवेटेड कॉरिडोर को मोहकमपुर तक प्रस्तावित किया गया था। अब इसे आगे मियांवाला तक बढ़ाने की योजना है। इससे रिस्पना, जोगीवाला, मोहकमपुर और आसपास के व्यस्त हिस्सों में यातायात का दबाव कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
नए प्रस्ताव में अजबपुर से मियांवाला तक करीब पांच किलोमीटर का अतिरिक्त हिस्सा शामिल किया गया है। इस हिस्से में सड़क और एलिवेटेड संरचना के लिए जमीन की जरूरत पड़ेगी।
प्रस्तावित रूट के अनुसार अजबपुर तक कॉरिडोर मौजूदा सड़क के ऊपर से ले जाने की योजना है। इसके बाद इसे रेलवे लाइन के समानांतर मोहकमपुर होते हुए मियांवाला की तरफ बढ़ाया जाएगा।
अजबपुर से मियांवाला के बीच प्रस्तावित हिस्से में करीब 23 मीटर चौड़ाई तक जमीन की जरूरत बताई गई है। इसमें निजी संपत्तियों के साथ रेलवे और राज्य सरकार की जमीन भी परियोजना के दायरे में आ सकती है।
परियोजना पर करीब 2,000 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसमें भूमि अधिग्रहण पर भी बड़ी राशि खर्च हो सकती है। हालांकि परियोजना की अंतिम लागत और निर्माण से जुड़ी स्थिति केंद्र सरकार की मंजूरी और आगे की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
भूमि अधिग्रहण और सीमांकन से जुड़ी तैयारियां भी की जा रही हैं। प्रस्तावित रूट के आसपास कई मकान और अन्य संपत्तियां प्रभावित हो सकती हैं। प्रभावित संपत्तियों की अंतिम संख्या सर्वे और अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही तय होगी।
देहरादून में आशारोड़ी से रिस्पना, जोगीवाला और मोहकमपुर होते हुए मियांवाला तक का हिस्सा भारी यातायात वाले क्षेत्रों में शामिल है। प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर का उद्देश्य लंबी दूरी के वाहनों और स्थानीय यातायात के दबाव को अलग करना और शहर के व्यस्त हिस्सों में जाम कम करना है।
फिलहाल यह परियोजना प्रस्ताव और मंजूरी के चरण में है। निर्माण शुरू नहीं हुआ है। केंद्र सरकार से मंजूरी मिलने और जमीन से जुड़ी जरूरी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद ही परियोजना आगे बढ़ सकेगी।
यह भी पढ़ें: उत्तराखंड में नए बिजली कनेक्शन की प्रक्रिया बदली, 1 नवंबर से लागू होगा नया सिस्टम; उपभोक्ताओं के लिए क्या बदलेगा
यह भी पढ़ें: बॉलीवुड के प्रसिद्ध अभिनेता नाना पाटेकर का 75 साल की उम्र में निधन, उत्तराखंड से भी रहा खास जुड़ाव; 71 की उम्र में पहुंचे थे केदारनाथ




