Uttarakhand Election 2027: विधानसभा चुनाव के लिए केंद्र से 153 कंपनी अर्धसैनिक बलों की मांग

उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 की सुरक्षा तैयारियों में 153 कंपनियों और 17 हजार होमगार्ड की जरूरत आंकी गई है। पहाड़ी मतदान केंद्रों तक सुरक्षा बलों, कर्मचारियों और चुनाव सामग्री की पहुंच भी बड़ी चुनौती रहेगी।
EVM ballot unit and VVPAT machine during a training demonstration related to उत्तराखंड विधानसभा चुनाव preparations, with a person pressing a voting button.

देहरादून, 5 नवंबर। उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सुरक्षा व्यवस्था की तैयारियां तेज हो गई हैं। प्रदेश की सभी 70 विधानसभा सीटों पर शांतिपूर्ण मतदान कराने के लिए केंद्र सरकार से केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की 153 कंपनियों और दूसरे राज्यों से 17 हजार होमगार्ड की मांग की गई है। चुनाव के दौरान संवेदनशील मतदान केंद्रों की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और मतदान दलों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त जवानों की जरूरत होगी। हालांकि, कितने सुरक्षा बल उपलब्ध कराए जाएंगे, इस पर अंतिम निर्णय अभी नहीं हुआ है।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय और पुलिस विभाग ने चुनाव के लिए आवश्यक सुरक्षा बलों का आकलन किया है। इसके तहत केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की 153 कंपनियों और दूसरे राज्यों से 17 हजार होमगार्ड बुलाने की जरूरत बताई गई है। केंद्रीय बलों की उपलब्धता केंद्रीय गृह मंत्रालय के माध्यम से तय होती है। वहीं, दूसरे राज्यों से होमगार्ड की व्यवस्था संबंधित विभागों के बीच समन्वय से की जाएगी।

विधानसभा चुनाव के दौरान केंद्रीय सुरक्षा बलों को संवेदनशील मतदान केंद्रों और अतिरिक्त सुरक्षा की जरूरत वाले क्षेत्रों में तैनात किया जा सकता है। होमगार्ड के जवान मतदान केंद्रों के आसपास व्यवस्था बनाए रखने, भीड़ नियंत्रित करने और पुलिस की सहायता करने जैसी जिम्मेदारियां संभालेंगे। यह मांग चुनावी ड्यूटी के लिए है, न कि होमगार्ड की नई भर्ती के लिए।

उत्तराखंड के पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों की अलग-अलग भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए भी चुनावी तैयारियां की जा रही हैं। दूरस्थ गांवों में स्थित मतदान केंद्रों तक सुरक्षाकर्मियों, मतदान दलों और चुनाव सामग्री को पहुंचाना चुनौतीपूर्ण होता है। ऐसे में मतदान से पहले कर्मचारियों और वाहनों की जरूरत का भी आकलन किया गया है।

प्रदेश में मतदान प्रक्रिया पूरी कराने के लिए करीब 1,08,400 कर्मचारियों की आवश्यकता का अनुमान है। राज्य और केंद्र सरकार के विभागों तथा सार्वजनिक उपक्रमों को मिलाकर 1.90 लाख से अधिक कर्मचारी उपलब्ध बताए गए हैं। इनमें से आवश्यकतानुसार कर्मचारियों को चुनावी ड्यूटी पर लगाया जाएगा।

मतदान दलों और सुरक्षा बलों की आवाजाही के लिए 3,319 बसों, 310 ट्रकों और 9,669 हल्के वाहनों की जरूरत का अनुमान लगाया गया है। इन वाहनों की व्यवस्था को लेकर भी तैयारियां की जा रही हैं, ताकि दूरस्थ मतदान केंद्रों तक कर्मचारियों और जरूरी सामग्री को समय पर पहुंचाया जा सके।

विधानसभा चुनाव की तैयारियों के तहत इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) और वीवीपैट की प्रथम स्तरीय जांच भी शुरू हो चुकी है। इसके साथ ही 16 नवंबर से सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों में मतदाताओं को ईवीएम के इस्तेमाल की जानकारी देने के लिए जागरूकता अभियान चलाने की तैयारी है। इस दौरान लोगों को मतदान की प्रक्रिया समझाई जाएगी।

निर्वाचन आयोग की एक टीम के नवंबर में उत्तराखंड आने की भी संभावना है। टीम प्रदेश में चुनाव की तैयारियों, मतदान केंद्रों की स्थिति और उपलब्ध सुविधाओं की समीक्षा कर सकती है। हालांकि, इस दौरे की तारीख अभी तय नहीं हुई है।

फिलहाल चुनाव के लिए सुरक्षा बलों, कर्मचारियों और वाहनों की जरूरत का आकलन किया जा रहा है। केंद्रीय अर्धसैनिक बलों और होमगार्ड की वास्तविक तैनाती का विवरण अंतिम स्वीकृति के बाद स्पष्ट होगा। वहीं, विधानसभा चुनाव के लिए मतदान और मतगणना की तारीखों की घोषणा अभी नहीं हुई है।

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